ओरछा की सड़कों पर घूमता है एक 'विदेशी गांधी'
टीकमगढ। बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले ओरछा में फ्रांस से आया एक शख्स महात्मा गांधी की याद ताजा करा जाता है। उसका लिबास और अंदाज ठीक महात्मा गांधी जैसा ही है और वह भी सत्य-अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहा है। खेल शिक्षक रहे जॉनी इन दिनों भारत भ्रमण पर आए हैं। हाथ में लाठी, शरीर पर लिपटी हुई धोती और आंखों पर ऐनक देखकर हर किसी को उनमें महात्मा गांधी का अक्स नजर आने लगता है। उनकी कद-काठी और चाल-ढाल भी महात्मा गांधी से मेल खाती है।
जॉनी जब ओरछा की सड़कों से गुजरते हैं, तो उन्हें देखने वालों की भीड़ जमा हो जाती है। इतना ही नहीं उनसे हाथ मिलाने की लोगों में होड़ मच जाती है। रवींद्र कहते हैं कि उन्होंने महात्मा गांधी को तो नहीं देखा मगर जॉनी का देखकर सुखद अनुभव होता है।

जॉनी कहते हैं कि महात्मा गांधी ने इस देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और लोगों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया। यही कारण है कि गांधी को देश ही नहीं दुनिया के लोग याद करते हैं। गांधी महान थे और उन्होंने जीवन र्पयत सत्य-अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यही संदेश उनके जीवन का भी ध्येय वाक्य बन चुका है।
भारत भ्रमण पर आए जॉनी सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, क्योंकि नई पीढ़ी ने महात्मा गांधी को नहीं देखा है। वह जॉनी को देखकर ही रोमांचित हो जाते हैं और उनके जरिये गांधी को जानने की कोशिश करते हैं। जॉनी हिंदी तो नहीं अंग्रेजी में अपना संदेश देने का प्रयास जरूर करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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