अफजल की फांसी पर नीयत साफ करे सरकार: उमर अब्दुल्ला
उमर ने कहा कि यह बात कहने के पीछे मेरा मकसद सिर्फ इतना ही है कि कश्मीर के एक खास वर्ग को इस बात पर यकीन करना बहुत जरुरी है क्योंकि एक खास वर्ग अपने को अफजल गुरू से जोड़कर देखता है। उमर ने इस बात पर अफसोस जताया कि फांसी से पहले अफजल गुरु को उसके परिवार से मिलने का अवसर तक नहीं दिया गया। मैं मानता हूं कि हम लोगों को उसके परिवार को सूचित करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए था।
गौरतलब है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दे दी गई। इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी।सर्वोच्च न्यायालय ने 2004 में अफजल को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
उसे अक्टूबर, 2006 में फांसी होनी थी लेकिन उसकी पत्नी की ओर से दया याचिका दायर करने के बाद इस पर रोक लग गई। दिसम्बर, 2001 में हुए संसद हमले में नौ लोग मारे गए थे। उस वक्त हथियारबंद पांच पाकिस्तानी आतंकवादियों ने संसद परिसर में घुसकर गोलीबारी की थी। सभी आतंकवादी मारे गए थे।













Click it and Unblock the Notifications