नालंदा विश्वविद्यालय में वर्ष 2014 से होगी पढ़ाई!
पटना। बिहार में अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के लिए राज्य सरकार ने तीन वर्ष पूर्व ही जमीन उपलब्ध करा दी थी, लेकिन शिक्षण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है। नालंदा जिले के राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के मेंटर ग्रुप की पांच फरवरी को बैठक होनी है। योजना के मुताबिक वर्ष 2014 से इस विश्वविद्यालय में हर हाल में शिक्षण कार्य शुरू हो जाना है।
विश्वविद्यालय की कुलपति गोपा सभरवाल ने बताया कि इस बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से इस विश्वविद्यालय में पढ़ाई प्रारंभ करने की कोशिश की जा रही है।

बैठक में मेंटर ग्रुप के सदस्यों के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया के भी भाग लेने की संभावना है। बैठक में आधारभूत संरचना के विकास और इस पर आने वाले खर्च सहित राशि एकत्रित करने के विषय में पूरी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के आसपास के 200 गांवों के विकास पर भी चर्चा होगी।
इन गांवों के विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना है। एक अधिकारी ने बताया कि एक विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचना पर करीब 100 करोड़ डॉलर खर्च आने का अनुमान है।
बैठक में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और नोबल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन, मेघनाथ देसाई, सांसद एऩ क़े सिंह, सुसुमु नाकानिशि सहित कई सदस्य भाग लेंगे। नालंदा के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बैठक की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। प्रारंभ में यहां बौद्धिस्ट सदी सहित छह विषयों की पढ़ाई होगी जिसके लिए सात अलग-अलग स्कूल होंगे।
उल्लेखनीय है कि आठ वर्ष पूर्व नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की परिकल्पना तत्कालीन राष्ट्रपति डा़ ए़ पी़ ज़े अब्दुल कलाम ने की थी। डा़ कलाम उस समय जब जिले में एक रेल कोच कारखाने के शिलान्यास के मौके पर आये थे तब उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार से नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने की चर्चा की थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने इसके स्थापना की पहल की थी।
इसके बाद पुराने नालंदा विश्वविद्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के लिए 446 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। ज्ञात हो कि नालंदा विश्वविद्यालय में देश-विदेश के 10 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण किया करते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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