भारत को देखकर ही पाकिस्तान ने परमाणु शक्ति बनने की प्रेरणा ली: पाक वैज्ञानिक
लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एलयूएमएस) में भौतिकी के विजिटिंग प्रोफेसर हुडभोय ने कहा है कि भारत में परमाणु शस्त्र बनाने की शुरूआत 1974 में हुई। जिससे प्रेरणा लेकर पाकिस्तान ने भी परमाणु परीक्षण किया और 1998 के बाद तो इसकी होड़ ही प्रारम्भ हो गयी है। पाकिस्तान को लगता था कि भारत ही उसका सबसे बड़ा शत्रु है अत: वह किसी भी मोर्चे पर खुद को कमजोर नहीं देखना चाहता था।
उन्होने पाक सेना के जनरल अशफाक परवेज कियानी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमे कयानी ने कहा था कि पाकिस्तान के सबसे बड़े दुश्मन उसके अंदर ही मौजूद हैं, जो कि पूरे मुल्क के लिए एक चुनौती हैं। उन्होने कहा कि पाक सरकार के पास उनसे निपटने के लिए कोई योजना भी नहीं है।
परमाणु युद्ध होने की सम्भावना के बारे में उन्होने कहा कि अब तक भारत और पाकिस्तान पांच बार परमाणु युद्ध की कगार पर पहुंच चुके है। यह पहली बार 1987 में, दूसरी बार 1990 में, 1999 में कारगिल युद्ध में, वर्ष 2001 में भारत की संसद भवन में हुए हमले के समय और फिर 2008 में मुंबई हमले के बाद दोनों ही देश परमाणु युद्ध की कगार पर पहुंच चुके हैं।













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