वाइब्रेंट गुजरात: विकास के क्षेत्र में नरेन्द्र मोदी की पहल
गांधीनगर। मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गांधीनगर में विश्व की गणमान्य यूनिवर्सिटियों एवं शैक्षणिक संस्थाओं की अंतरराष्ट्रीय परिषद (आईसीएआई) का प्रारंभ करते हुए यूनिवर्सिटी शिक्षा सहित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान और सहभागिता के लिए वैश्विक फोरम खड़ा करने का प्रेरक सुझाव दिया। श्री मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिषद के आयोजन के जरिए मानव संसाधन विकास के लिए जरूरी अवसर उपलब्ध कराया है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2013 के अंतर्गत आज से गांधीनगर के निकट पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी परिसर में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के ज्ञान सहयोग के लिए यह परिषद आयोजित की गई।
परिषद में तकरीबन 260 गणमान्य यूनिवर्सिटियों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के शिक्षा विद भाग ले रहे हैं। परिषद में 185 अंतरराष्ट्रीय, 52 भारत के विभिन्न राज्यों की और गुजरात की 63 शिक्षण संस्थाएं परस्पर सहभागिता के विनियोग के लिए सामूहिक चिंतन- मनन करेंगी। शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण, उत्कृष्ट संशोधन-इनोवेशन एवं कौशल विकास में ज्ञान और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के लिए ग्लोबल समिट में गुजरात द्वारा की गई इस पहल को उमदा मकसद
की करार देते हुए दुनिया भर से आए शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इसकी प्रशंसा की। 21वीं सदी को ज्ञान की सदी बताते हुए और हर सप्ताह विश्व में शिक्षा-संशोधन और ज्ञान विकास के क्षेत्र में नई क्षीतिजों के आकार लेने की रूपरेखा पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान ही मानव संसाधन विकास का मूल आधार है।

आईसीएआई का प्रारंभ
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नॉलेज थीम के केन्द्र स्थान में होने का विशेष रूप से जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, टेक्नोलॉजी, कम्यूनिकेशन और सूचना विस्फोट के आज के इस युग में "इंफर्मेशन एज" को नॉलेज सोसायटी में तब्दील करने और समग्रतया प्रत्येक व्यक्ति के गुणात्मक विकास तथा जीवन विकास में हमारा दायित्व भविष्य की पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए निभाना होगा। गुजरात के ग्लोबल नॉलेज कम्यूनिटी का पार्टनर बनने की बेला पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने तो सुसंस्कृत मानव समाज के लिए 2500 वर्ष पूर्व उच्च शिक्षा ज्ञान का प्रभाव सर्वोपरिता का दर्शन कराया था।
भारत की नालंदा, तक्षशिला एवं गुजरात की वलभी जैसी विद्यापीठों ने मानव संसाधन एवं ज्ञान-विज्ञान के सभी क्षेत्रों का समावेश कर लिया था। दुनिया के तमाम देशों के ज्ञान पिपासु ज्ञान-शिक्षा के लिए भारत का रुख करते थे। भारतीय ज्ञान-शिक्षा की इस उत्कृष्ट विरासत के साथ भारत ज्ञान की सदी के लिए समूचे विश्व को बेस्ट प्रेक्टीस एंड एक्सीलेंस इन इनोवेशन एंड रिसर्च के लिए अपना अनोखा योगदान प्रदान कर सकेगा। गुजरात ने तो पहल कर दी है, यह
अवसर उसका महत्तम विनियोग करने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात ने एजुकेशनल इनोवेशन कमीशन का गठन कर शैक्षणिक नवोन्मेशी आयामों के लिए कानूनी छत्र खड़ा कर देश में पहल की है। इतना ही नहीं, I-CREATE (आई-क्रिएट) के इन्क्यूबेशन सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा यंग एंटरप्रिनियोर्स एवं रिसर्च-इनोवेशन का सपना साकार करने वालों को प्रोत्साहन दिया है।
श्री मोदी ने कहा कि गुजरात ने विश्व भर की ज्ञान सृष्टि खड़ी की है। गुजरात जो सपने देखता है उसे साकार करता है, और मात्र गुजरात या भारत ही नहीं बल्कि विश्व की मानवजाति के लिए पथप्रदर्शक बनेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात ने स्किल डेवलपमेंट और हुनर-कौशल विकास के लिए आईटीआई, स्कोप, EMPOWER द्वारा स्किल डेवलपमेंट पर कार्य कर सॉफ्ट स्किल और आईटी स्किल का विशाल फलक विकसित किया है। उद्योग-व्यापार सहित विश्व में नॉलेज इकोनॉमी के लिए जिस तरह के प्रशिक्षित कौशल वाले युवाओं की आवश्यकता है, इसके लिए गुजरात का स्किल डेवलपमेंट कल्चर बिल्कुल नया विश्वास प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने समग्र विश्व को टेक्नोलॉजी एवं नॉलेज के विकास का ‘ग्लोबल विलेज' करार देते हुए कहा कि ज्ञान-विकास की राह में अवरोध समान सभी सीमाएं एवं बंधन छोड़ने की हमारी मानसिकता ही विविध मानव समाज एवं संस्कृतियों को ज्ञान-उपार्जन के क्षेत्र में सहभागिता और सहकारिता के सेतु से जोड़ेगी। भविष्य की पीढ़ियों के ओज-तेज के लिए शिक्षा विदों का ज्ञान के लिए यह आदान-प्रदान ‘बैंक ऑफ नॉलेज कैपिटल' के समान है।
गुजरात की धरती पर यह अवसर विश्व के लिए उच्च शिक्षा के सहयोग, सहभागिता और आदान-प्रदान के लिए परमानेंट फोरम का स्वरूप बनें, ऐसी प्रेरक हिमायत मुख्यमंत्री ने की। विश्व समाज का प्रत्येक व्यक्ति नॉलेज क्रिएटर ज्ञान-सर्जक बने, ऐसे महासपने को साकार करने की गुजरात की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने अभिलाषा जतायी कि यह ज्ञान विकास परिषद इसी का रोडमैप तैयार करेगी जिसे कार्यान्वित किया जाएगा।
विश्व के 56 देशों एवं भारत के 14 राज्यों के शिक्षा विदों का गुजरात की धरती पर भावभीना स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दूसरी इन्टरनेशनल एजुकेशन कॉन्फ्रेंस है लेकिन गुजरात को इस बात की खुशी है कि इसकी महिमा ने सारे विश्व को स्पर्श किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में गुजरात की उच्च शिक्षा संस्थाओं, राज्य सरकार एवं अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटियों के बीच सहयोग एवं सहभागिता के समझौता करार हुए।
छठी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की मुख्य थीम ‘नॉलेज'
शैक्षणिक संस्थाओं की अंतरराष्ट्रीय परिषद के शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग, गुजरात की यूनिवर्सिटियों एवं विदेशी यूनिवर्सिटियों के बीच तकरीबन आठ समझौता करार (एमओयू) हुए। गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी ने इजराइल के गेलिलि इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के साथ नेहलाल, गांधीनगर एवं अहमदाबाद सहित तीन शहरों के लिए फेकल्टी डेवलपमेंट, संशोधन, विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा पाठ्यक्रम के विकास के लिए एमओयू किया।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन एवं फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ हेलसिन्की के बीच शिक्षकों को प्रशिक्षण, विद्यार्थियों-विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा संयुक्त संशोधन प्रोजेक्ट के लिए एमओयू हुआ। पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के महानिदेशक डॉ पीके बानिक एवं केयर्न इंडिया लिमिटेड के पी. एलान्गो के बीच प्रशिक्षण के अलावा शैक्षणिक परस्पर आवश्यकताओं के लिए एमओयू नॉलेज कॉन्सॉर्टियम ऑफ गुजरात एवं यूके की ब्रिटिश काउंसिल के बीच उच्च शिक्षा में निपुणता के विभिन्न मामलों के आदान-प्रदान, नये अनुभव एवं संशोधन के आदान-प्रदान, उच्च शिक्षा में नीति निर्धारकों एवं शिक्षा विदों की सिफारिशों तथा अनुरोधों के आदान-प्रदान एवं उद्योगगृहों तथा शैक्षणिक संस्थाओं के बीच संवादों के आदान-प्रदान के लिए एमओयू हुआ।
गुजरात सरकार के टेक्नीकल शिक्षा विभाग ने कनाडा की सेनेका कॉलेज के साथ संशोधन एवं विकास तथा नए मामलों के विस्तार के लिए, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए तथा उच्च शिक्षा फोरम की स्थापना के लिए एमओयू किया। राज्य सरकार की गुजरात टेक्नीकल यूनिवर्सिटी ने यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ लेन्कशायर के साथ गुणवत्ता की प्रतिबद्धता के लिए जरूरी प्रक्रिया के आयोजन के लिए, शिक्षा, अभ्यास, संशोधन तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एमओयू किए।
पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी ने केडिला फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के साथ लाइफ साइंस के क्षेत्र में विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए एमओयू किया। इसके अलावा गुजरात के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए, गुजरात में औद्योगिक संशोधनों तथा भविष्य के प्रशिक्षित मानवबल की जरूरत पूरी करने के लिए आयोजन संबंधी एमओयू किया।
वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी-गांधीनगर) ने यूनिवर्सिटी ऑफ सास्काचेवन के साथ शैक्षणिक कार्यक्रम, सूचना एवं संशोधनों के आदान-प्रदान, शैक्षणिक सामग्री के आदान- प्रदान, अल्पकालिक शैक्षणिक कार्यक्रमों के संयुक्त आयोजन तथा विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों केआदान-प्रदान के लिए एमओयू किया। मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि छठी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की मुख्य केन्द्रीय थीम ही ‘नॉलेज' है।












Click it and Unblock the Notifications