तालिबानियों के शवों पर किया मूत्र विसर्जन, मिली सजा

यह मामला जुलाई 2011 का है, जब अफगानिस्तान के हल्मांड प्रांत में सैन्य ऑपरेशन के वक्त कुछ तालिबानी मारे गये थे। उस दौरान तालिबानियों के शव अमेरिकी सेना ने एक स्थान पर सुरक्षित रख दिये, लेकिन वहीं पर अमेरिकी सेना के साथ आये अमेरिकी पोत के एक हवलदार ने मौके पर पहुंच कर तालिबानियों के खिलाफ भड़ास निकालते हुए उनके शवों पर मूत्र विसर्जित किया। शर्मनाक बात यह है कि वहां मौजूद अन्य लोगों ने इस घटना के मजे लूटे और उसका वीडियो बनाया और तस्वीरें लीं। यह मामला सुर्खियों में जनवरी 2012 में आया, जब ये तस्वीरें लीक हुईं।
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के मुताबिक किसी भी मानव शरीर का जीवित रहते वक्त जितना सम्मान करना चाहिये, उतना ही उसके मरने के बाद। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मिलिट्री कोर्ट ने इस व्यक्ति को उसकी रैंक घटाने यानी डिमोशन की सजा सुनायी है। साथ ही 500 डॉलर जुर्माना भरने को कहा है। इस हवलदार का नाम है सजेंट जोसफ कैम्बलिन है, जिसने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल किया और माफी भी मांगी, जिस वजह से उसका कोर्ट मार्शल तो बच गया लेकिन सजा नहीं बच सकी।












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