कैश सब्सिडी योजना को बर्बाद कर सकती हैं गैर कांग्रेसी सरकारें

Agriculture minister Jairam Ramesh
नई दिल्‍ली। यूपीए सरकार के बस दो साल बचे हैं और इस दौरान वो जनता का दिल जीतने के लिये कुछ भी करने को तैयार है। ऐसे में यूपीए आकर्षक योजनाओं का ऐलान तो कर रही है, लेकिन कैसे क्रियान्‍वयन होगा, इस बात का अंदाजा सरकार को नहीं है। सरकार ने गरीबों को राशन में मिलने वाली सब्सिडी के बदले कैश देने का वादा किया है। लेकिन क्‍या राज्‍य सरकारें इस योजना को सफल होने देंगी?

इस योजना के अंतर्गत अब गरीबों को सस्‍ते गल्‍ले की दुकान पर सस्‍ते में राशन नहीं मिलेगा। बल्कि उसी दाम पर मिलेगा, जो बाजार में चल रहा होगा। बस फर्क इतना है कि जो सब्सिडी सरकार उन्‍हें देती है वह अब सीधे गरीबों के अकाउंट में भेज दी जायेगी। सरकार की एक जनवरी से 51 जिलों में धन स्थानांतरण कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। अप्रैल से इसे 18 राज्यों में लागू किया जाएगा। इसके बाद 2013 से यह बाकी देश में भी कार्यान्वित होगी। सच पूछिए तो सरकार ने गरीबों के साथ एक और बड़ा मजाक किया है।

दो जून की रोटी के लिये रोज मजदूरी करने वाले उन मजदूरों का क्‍या होगा, जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं है। चलिये प्रधानमंत्री ने यह तो आदेश दे दिया है कि गरीबों के अकाउंट आसानी से खुलें, क्‍या सरकार अकाउंट खुलवाने के लिये जरूरी रकम भी देगी। या फिर बैंक मुफ्त में अकाउंट खोलेंगे। क्‍योंकि सरकारी बैंक में बचत खाता खोलने के लिये कम से कम 500 रुपए की जरूरत पड़ती है। और अगर आप गरीबी रेखा के नीचे हैं तो 100 रुपए। जिस व्‍यक्ति की एक दिन की कमाई 60 रुपए है, वो कहां से अकाउंट खुलवायेगा। एक और अहम सवाल यह कि जिन लोगों के अकाउंट नहीं हैं, क्‍या सरकार उनके अकाउंट खुलवायेगी?

ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक प्रधानमंत्री की राष्‍ट्रीय समिति में लिये गये इस फैसले में कहा गया है कि गरीबी रेखा के नीचे राशन कार्ड दिखाने वाले व्‍यक्ति को यह लाभ मिलेगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस योजना से बिचौलियों की बैंड बज जायेगी, लेकिन एक सवाल यहां भी दस्‍तक दे रहा है। वो यह कि राशन कार्ड बनाने की जिम्‍मेदारी राज्‍य सरकारों की होती है और पैसा केंद्र से आयेगा। क्‍या गारंटी है कि राज्‍य सरकारें इस योजना का क्रियान्‍वयन ठीक ढंग से करते हुए पैसा सही जगह पहुंचायेंगी। हम यह सवाल इसलिये उठा रहे हैं, क्‍योंकि हर जगह कांग्रेस की सरकार नहीं है? संभवत: गैर-कांग्रेसी सरकारें यूपीए को बदनाम करने के लिये इस योजना में घालमेल कर सकते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+