जयललिता ने भी एफडीआई पर किया सरकार का विरोध

वहीं भाजपा ने अब तक इस पर अपना स्पष्ट मत नहीं रखा है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस समय वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के घर पर चल रही बैठक के बाद ही इस पर कुछ कहा जाएगा। बैठक में भाजपा के बड़े नेता सुषमा स्वराज, अरूण जेटली और रविशंकर प्रसाद के साथ ही कई बड़े नेता शामिल हैं।
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना आक्रामक रूख कायम रखा है और कहा है कि अगर लेफ्ट अविश्वास प्रस्ताव लाती है तो हम उसके समर्थन के लिए तैयार हैं और हम इस विषय पर किसी भी राजनीतिक दल से बात करने के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि प्रारम्भ से ही एफडीआई पर सरकार का व्यापक विरोध किया जा रहा है लेकिन सरकार इसे लागू करना चाहती है। ऐसे में 22 नवंबर से प्रारम्भ होने वाले शीतकालीन सत्र में संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि वह किसी भी तरह की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है लेकिन वह एफडीआई पर अपने कदम वापस नहीं लेगी।












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