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पेट्रोलियम पदार्थों पर जनता को मिल सकती है राहत

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Congress meeting at Surajkund, Haryana
फरीदाबाद। एक तरफ हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनाव व दूसरी तरफ महंगाई पर विपक्ष के चौतरफा हमले से घिरी केंद्र सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर कुछ राहत भरा फैसला कर सकती है। केंद्र सरकार न सिर्फ सालाना छह सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर देने के फैसले को बदल सकती है, बल्कि पेट्रोल की कीमत में भी आम जनता को कुछ राहत दी जा सकती है। कांग्रेस नेताओं की शुक्रवार को सूरजकुंड में हुई बैठक में सब्सिडी वाले सिलेंडर का कोटा बढ़ाने की जबरदस्त मांग हुई।

ए.के एंटनी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, हमारी नीतियां हमेशा से मध्यमार्गी और वामपंथी झुकाव वाली रही हैं। हमने हमेशा आम आदमी को तरजीह दी है। अब नीतियों में यह दक्षिणपंथी भटकाव क्यों? दिग्विजय सिंह, जगदीश टाइटलर सहित अधिकांश नेताओं ने सरकार से इस सीमा को छह से बढ़ाकर 12 करने की मांग की। कई नेताओं ने तो आगामी चुनावों के मद्देनजर इस फैसले को ही रद करने की मांग कर डाली। इसके बाद पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली को यह वादा करना पड़ा कि वह इस बारे में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के साथ विचार-विमर्श करेंगे। जानकारों की मानें तो पेट्रोलियम मंत्रालय इस बारे में काफी हद तक मन पहले ही बना चुका है। कैबिनेट की बैठक में भी अनौपचारिक तौर पर चर्चा हुई है।

प्रधानमंत्री व सोनिया की नहीं हो सकी मुलाकात

सूरजकुंड के राजहंस होटल में शुक्रवार अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी की संवाद बैठक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। बैठक सुबह दस बजे शुरू हुई और सायं 4.15 बजे तक चली। बैठक समाप्त होते ही सबसे पहले प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का काफिला हेलीपैड की तरफ रवाना हुआ। प्रधानमंत्री को हैलीपैड तक छोडऩे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गए। जब तक वे वापस सूरजकुंड स्थित राजहंस होटल पहुंचे, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ दो बसों में बैठक स्थल से निकल गए।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बैठक स्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों को कुछ दिशानिर्देश देने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना व राज्य के उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला भी निकल गए। विचार बैठक में 70 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था इनमें से चार बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक स्थल के चारों तरफ सुरक्षा व्यवस्था को भी तीन घेरों में बांटा गया था। पहले घेरे में सिर्फ एसपीजी के अधिकारी ही तैनात थे। इसके बाद एसपीजी और हरियाणा पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तथा तीसरे घेरे में भी एसपीजी की अनुमति प्राप्त लोग ही थे।

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English summary
By looking at the polls of Himachal Pradesh and Gujarat, UPA can give relief on petroleum products.
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