'बाबा रामदेव के कई राज़ खोल सकती है सीबीआई'

Baba Ramdev
अमरोहा। योगगुरू रामदेव की चर्चा देश की राजनीति से समाप्त नहीं हो पा रही है। कुछ समय पहले रामदेव मुख्य धारा से गायब हुए तो देश में हंगामा मच गया। अब बारी है उनके गुरु स्वामी शंकरदेव की जो पिछले कुछ दिनों से गुमशुदा है। स्वामी शंकरदेव की रहस्यमय गुमशुदगी की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग शुरू हो गयी है।

जांच की मांग करने वाले स्वामी कर्मवीर की सुरक्षा को लेकर संतों ने प्रधानमंत्री मनमोहन ङ्क्षसह से मुलाकात की। ज्ञात हो कि स्वामी कर्मवीर ने आरोप लगाया था कि स्वामी शंकरदेव की रामदेव व उनके रिश्तेदारों की शह पर हत्या कर दी गई है।

स्वामी कर्मवीर व स्वामी रामदेव के बीच खराब हुए रिश्तों की कई वजह हैं। पिछली 13 अक्टूबर को दिल्ली में पत्रकार वार्ता के दौरान रामदेव के साथ मौजूदगी के विषय में स्वामी कर्मवीर का कहना है कि रामदेव जान की दुहाई देकर अपने साथ ले गये थे। उन्होंनें कहा कि मैने साफ कर दिया था कि यदि पत्रकारों ने कोई सवाल किया तो मैं सच्चाई बयान करुंगा जिससे आप मुश्किल में पड सकते हैं। इस पर स्वामी रामदेव ने कहा था कि आप से कोई पत्रकार बात नहीं करेगा। स्वामी कर्मवीर ने कहा कि वह सत्य पर अडिग हैं।

उनका कहना है कि दिव्य योग मंदिर व पतंजलि योग पीठ के पूर्व प्रबन्धक सुधीर कुमार का वह पत्र भी महत्वपूर्ण है जिसे पद पर रहते हुए उन्होंने आश्रम के ट्रस्टियों को लिखा है। जिसमें उन्होंने आश्रम में रामदेव के भाई रामभरत व बहनोई यशदेव शास्त्री की निरकुंशता व संदिग्ध गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा है कि स्वामी रामदेव आश्रम के धन से अपने भाई व बहनोई आदि रिश्तेदारों को सम्पत्ति की खरीद फरोख्त करा रहे हैं तथा वैदिक संस्कारों की दुहाई देने वाले रामदेव ने अपने गोत्र के भाई यशदेव शास्त्री से अपनी बहन का विवाह करा दिया जो वैदिक संस्कृति का अपमान है। इसके अलावा सुधीर कुमार ने रामभरत व यशदेव शास्त्री की गुंडागर्दी आश्रम में संदिग्ध मौतें तथा स्वामी शंकरदेव के प्रति र्दुव्यवहार की बातें उठाई थीं। उपरोक्त बातें यह साबित करने के लिए काफी हैं कि रामदेव को स्वामी कर्मवीर से सबसे अधिक खतरा है शायद यही कारण है कि उनके अनुयायी स्वामी कर्मवीर की सुरक्षा को लेकर चिन्तित हैं।

अखिल भारतीय सन्त समिति उत्तर भारत के अध्यक्ष प्रमोद कृष्णम् के नेतृत्व में सन्तों के प्रतिनिधिमण्डल ने मनमोहन सिंह से मुलाकात कर कहा कि स्वामी कर्मवीर को पूरी सुरक्षा मुहैया करायी जाए तथा मामले की सीबीआई से जांच करा सच्चाई को सामने लाया जाए। सन्तो ने कहा कि स्वामी कर्मवीर पर दबाव बनाने व अज्ञातवास भेजने की बात कर बाबा रामदेव ने साबित कर दिया कि प्रकरण में उनकी भूमिका संदिग्ध है।

दिव्य योग मंदिर व पतंजलि योगी पीठ की स्थापना व निर्माण में स्वामी रामदेव के बाद दूसरे प्रमुख स्वामी रहे ट्रस्ट के पूर्व उपाध्यक्ष स्वामी कर्मवीर ने कहा कि स्वामी शंकरदेव गुमशुदगी की हकीकत सामने आने पर कई अन्य राजों पर से भी पर्दा उठ जाएगा। स्वामी शंकरदेव के अंतिम समय का पत्र महत्वपूर्ण है जिसमें स्वामी रामदेव के बहनोई यशदेव शास्त्री का जिक्र किया गया है। उन्होंनें आरोप लगाया कि स्वामी शंकरदेव की रामदेव व उनके रिश्तेदारों की शह पर हत्या कर दी गई है।

उधर गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अमरोहा के धनौरा से लोगों का जत्था स्वामी कर्मवीर की सुरक्षा का मोर्चा संभालेगा। कर्मवीर का कहना है कि शंकरदेव एक जुलाई 2007 को अचानक गायब हुए लेकिन रामदेव ने उन्हें खोजने की कोई कोशिश नहीं की जबकि उनकी प्रसिद्धि में शंकरदेव का बड़ा योगदान रहा। उन्होंनें कहा कि शंकरदेव को न्याय दिलाने के लिए मुम्बई से 3 अगस्त 2007 को वह हरिद्वार पंहुचे और रामदेव के रिश्तेदारों पर सवाल उठाये थे लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।

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