वीके सिंह के चहेतों पर सरकार गिरा रही गाज

सूत्र बता रहे हैं कि सरकार ने अब जनरल के साथियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में पहला गाज दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल वीके पिल्लै पर गिरी है। उनको बदलने की तैयारी चल रही है। सेना मुख्यालय उनका तबादला कर उन्हें जीओसी एटीएनके एंड के, चेन्नई भेजने की कवायद में जुटा है। साथ ही वहां तैनात लेफ्टिनेंट जनरल एस मित्रा को दिल्ली क्षेत्र की कमान दी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक जनरल पिल्लै को पूर्व सेनाध्यक्ष की कथित मदद का खामियाजा भुगतना पड़ गया। सेना मुख्यालय इस बात से नाराज है कि छावनी क्षेत्र में रहते हुए पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह की राजनीतिक सक्रियता व सघन जनसंपर्क को रोकने के बजाय लेफ्टिनेंट जनरल वीके पिल्लै ने मौन समर्थन दिया। आरोप लगाए गए हैं कि राजनीतिक गतिविधियों के लिए भी दिल्ली छावनी क्षेत्र की ओर से मदद की गई। जनरल पिल्लै राजपूत रेजीमेंट के हैं जिससे वीके सिंह का ताल्लुक था। नए सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने हाल ही में अपने प्रमुख स्टाफ अधिकारियों को बदलना शुरू किया है। इस कड़ी में गत दिनों जनरल वीके सिंह के नजदीकी और डायरेक्टर जनरल- मिलिट्री ऑपरेशन, लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी का तबादला कर दिया है। उनके स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया को डीजीएमओ की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
उधर, पटना में जनरल ने सरकार पर एक बार फिर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कैंसर की तरह फैलता जा रहा है। एक समय सुभाष चंद्र बोस ने नारा दिया था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। इसके उलट आज देश में चलन है तुम मुझे पैसे दो मैं तुम्हारा काम करूंगा। देश में नक्सलवाद राजनीतिक कारणों से बढ़ा है। जहां विकास नहीं वहां असमानताएं बढ़ी हैं। किसी भी समुदाय का शोषण करने पर असमानता का शिकार तबका हथियारों में अपना भविष्य देखता है। लगभग 270 जिलों में नक्सलवाद है। अगर उदारीकरण के बाद की पनपी स्थितियों का निवारण नहीं किया गया तो आने वाले समय में नक्सलवाद पूरे देश में फैल जाएगा।












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