नई दिशा दिखाने निकली रंग दे की फ्रीडम बस

बस यात्रा का आईडिया उस समय आया जब रंग दे के सामाजिक निवेशक रधु दीक्षित ने संस्था से ऋण लेने वालों से मुलाकात की बात कही। असल में रंग दे वो संस्था है जो जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिये ऋण मुहैया कराती है और उनके रोजगार को बढ़ाने में मदद करती है। महाराष्ट्र के पुसद में मौजूद लोगों से मिलने के लिये जैसे ही आईडिया आया, उसके ठीक तीन सप्ताह के भीतर बस कंसर्ट की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं।
फ्रीडम बस 13 अगस्त को बैंगलोर से चली और 14 को पुसद पहुंच गई। यहां रघु दीक्षित समेत सभी लोगों ने ऋण लेने वालों से मुलाकात की। यह मुलाकात वाकई में दिलचस्प थी। जो लोग अभी तक सुविधाओं से वंचित थे, उन्हें रंग दे के सहयोग से एक नई दिशा मिली नया जीवन मिला। ग्रामीण उद्यमियों ने अपने अनुभवों को शेयर किया और बताया कि किसी तरह उनके जीवन में परिवर्तन आये।
14 की शाम को पुसद में ही एक लाइव कंसर्ट हुआ, जहां करीब 400 लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर एक कार्यकर्ता विजय पदागुरी ने कहा, "पहले मैं जब भी भारत को देखता था तो गरीबी और गरीबों की परिस्थितियों को देख काफी दुख होता था, लेकिन रंग दे के असर को देखते हुए अब एक विश्वास जगा है कि भविष्य में पूरे भारत से गरीबी दूर हो जायेगी, क्योंकि यह सामाजिक निवेश अच्छे परिणाम देगा।"












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