रामदेव को 225 सांसदों और 1.5 लाख ग्राम सभाओं का समर्थन

इसके साथ ही बाबा रामदेव ने देश के सभी राजनीतिक दलों से कहा है कि वह कालेधन पर अपना रूख साफ करे, जिससे देश की जनता भ्रष्टाचार और कालेधन पर उनकी मंशा जान सके। रामदेव के अनशन के पहले दिन से ही सरकार की मंशा कुछ साफ नहीं लग रही है। केंद्र सरकार में मंत्री सलमान खुर्शीद ने रामदेव के अनशन को 'सालाना कार्यक्रम' बताया था।
आज अनशन के आखिरी दिन बाबा रामदेव ने अपने तेवर कड़े कर लिये है। रामदेव ने कहा था कि अगर सरकार आज शाम तक उनकी मांग नहीं मांगेगी तो देश में महाक्रांति शुरू होगी। उन्होंने कहा कि असम, आंध्र, गोवा, गुजरात आदि प्रदेशों के कांग्रेस सांसदों ने लिखित समर्थन पत्र भेजा है। बाबा ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कालेधन, भ्रष्टाचार और लोकपाल के मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाया तो वह मैदान से नहीं हटेंगे।
आज शाम तक की परिस्थितियों को देखते हुए बाबा रामदेव अपनी नई रणनीति का खुलासा कर सकते है। बाबा ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर 11 अगस्त तक उकनी मांगो को नहीं माना जाएगा तो वह 12 से 14 अगस्त के बीच सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। रामलीला मैदान में अनशन का आज अंतिम दिन है, और देशभर से लोग समाज के बदलाव का सपना लिए जुटे हुए है।












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