जौहर विवि को अल्पसंख्यक दर्जा न दिए जाने से आजम खफा

खां ने यहां एक बयान में कहा कि पिछले पांच वर्षों से जौहर विश्वविद्यालय को विधिवत संचालित करने की उनकी कोशिशें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर प्राधिकार पत्र जारी होने के साथ रंग लायी हैं, इसकी उन्हें खुशी है लेकिन इस इदारे को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा अब तक नहीं दिया जाना गलत है।
उन्होंने कहा कि जब लखनउ स्थित इंटीग्रल विश्वविद्यालय और तीर्थांकर विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक इदारे का दर्जा दिया जा सकता है तो जौहर विश्वविद्यालय को क्यों नहीं। खां ने कांग्रेस को याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने कहा था कि मौलाना मुहम्मद अली जौहर के बिना देश को आजादी मिल पाना मुमकिन नहीं था। कांग्रेस अपने रवैये में जल्द सुधार करे, वरना उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
आजम ने उम्मीद जाहिर की कि केन्द्र की कांग्रेस नीत सरकार जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर अब खिलवाड़ बंद करेगी और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल इस इदारे को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने के लिये अपने पास लम्बित विधेयक पर पुनर्विचार करके उस पर कोई सकारात्मक निर्णय लेंगे।
खां ने अनुरोध किया है कि अगर राज्यपाल के लिये उस विधेयक पर विचार करना मुमकिन नहीं है तो वह उसे विधान सभा को वापस कर दें। गौरतलब है कि प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने खां के ख्वाबों की परियोजना रहे जौहर विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2012-13 से संचालित करने के लिये कल प्राधिकार पत्र जारी कर दिया।












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