दिल्ली-जयपुर हाईवे पर किसानों व पुलिस में संघर्ष, बसें फूंकी
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में भूमि अधिग्रहण के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन रविवार को हिंसक हो गया। गांव आसलवास में हुई किसान महापंचायत के दौरान किसानों व पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आसलवास गांव के पास अचानक राष्ट्रीय राज्य मार्ग नम्बर 8 पर जाम लगा दिया। चार सरकारी बसों और दो दमकल वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाई। गोली लगने से दो किसान जख्मी हुए हैं। पथराव, भगदड़ व लाठीचार्ज के दौरान लगभग 20 पुलिसकर्मियों और 20 किसानों को चोट आई है।

पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। वहीं पत्रकारों के कैमरे तोड़ दिए और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। उपायुक्त सीजी रजनी काथन का कहना है कि पुलिस ने किसानों पर एक भी गोली नहीं चलाई। जिन दो किसानों को गोली लगी है, उसकी जांच कराई जाएगी।
कांथन ने बताया कि जिले के गांव आसलवास में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर हुई महापंचायत के बाद संधर्ष समिति के लोगों ने अचानक जाम कर दिया गया। उन्होंने बताया कि तत्पश्चात जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने लोगों को कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतू भरसक प्रयत्न किये। मौके पर तैनात पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तथा इसी दौरान जाम करने वाले लोगों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। जाम करने वाले लोगों के पथराव से महिला डी.एस.पी. सहित 40 पुलिस कर्मचारी घायल हो गये, जो विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
उपायुक्त ने संघर्ष समिति व जिला के लोगों से अपील व अनुरोध किया कि जिला रेवाड़ी में शांति व अमन चैन का माहोल बनाये रखें तथा भूमि अधिग्रहण के मामले में बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हुए हैं। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है तथा बातचीत के लिए सरकार सदा तैयार रहती है। अभिषेक गर्ग, पुलिस अधीक्षक ने भी संघर्ष समिति व जिला के लोगों से अपील व अनुरोध किया है कि कानून को अपने हाथ में ना लें तथा सरकारी सम्पत्ति को नष्ट करना गैर कानूनी है एवं रोड पर जाम ना लगायें क्योंकि इससे आम जन को बहुत ही परेशानी का सामना करना पडता हैं।












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