सरकार आने के बाद भाजपा किसानों को देगी बिना ब्याज कृषि ऋण : गडकरी

BJP president Nitin Gadkari
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने वायदा किया है कि यदि 2014 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी, तो किसानों को बिना ब्याज कृषि रिण मुहैया कराया जाएगा।

गडकरी ने आज यहां जम्बूरी मैदान पर मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित अटल किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्य जब किसानों को बिना ब्याज के कृषि रिण उपलब्ध करा सकते हैं, तो केन्द्र में कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती। यदि अगले लोकसभा चुनाव में राजग की सरकार बनी, तो वह किसानों को बिना ब्याज कृषि रिण मुहैया कराएगी।

राज्य सरकार द्वारा किसानों को गत एक अप्रैल से बिना ब्याज के कृषि रिण उपलब्ध कराने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अभिनंदन करने तथा केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही रासायनिक खाद के दाम बढ़ाने का विरोध करने के लिए पार्टी द्वारा आयोजित इस महापंचायत में भारी संख्या में किसान मौजूद थे। इस अवसर पर गडकरी के अलावा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज एवं पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

भाजपा अध्यक्ष ने केन्द्र की संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी गलत नीतियों की वजह से किसानों का शोषण हो रहा है और उसके साथ अन्याय किया जा रहा है, जिसकी वजह से वह कर्ज के बोझ से दबकर आत्महत्या कर रहा है। खाद की बढ़ी हुई कीमतें उसकी इन्हीं गलत नीतियों का परिणाम हैं और यह उद्योगपतियों के दबाव में बढ़ाई गई हैं।

गडकरी ने कहा कि खाद की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग को लेकर उनकी पार्टी, संसद के अंदर और बाहर आवाज उठाएगी और इसके लिए एक सशक्त देशव्यापी आंदोलन करने की रूपरेखा शीघ्र बनाई जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि विकास दर 18 प्रतिशत करने के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुजरात जैसे विकसित राज्य में भी यह बारह प्रतिशत ही है।

उन्होंने महंगाई और भ्रष्टाचार के लिए संप्रग सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा और वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा और उसके नेतृत्व वाले राजग पर ही भरोसा करेगी, क्योंकि अब वह अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्वकाल में राजग सरकार के अच्छे दिनों को महसूस करने लगी है।

वहीं, मध्यप्रदेश में भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास के जो आयाम कायम किए हैं, उसे लोगों ने खुले दिल से सराहा है। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने राज्य सरकार द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि किसान ही देश की अर्थ व्यवस्था के रीढ़ की हड्डी है और यदि वह मजबूत रहेगी, तो पूरे देश की सेहत अच्छी रहेगी।

उन्होंने कहा कि यह इसी परिश्रम का नतीजा है कि प्रदेश में सात लाख एकड़ कृषि योग्य रकबे को बढ़ाकर 22 लाख एकड़ करने की सफलता मिली है। इस साल प्रदेश में हुए रिकार्ड गेहूं उपार्जन का जिक्र करते हुए उन्होने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बड़ी बातें करते हैं, लेकिन वह बताएं कि उनके शासनकाल में क्या गेहूं का एक भी दाना खरीदा गया था। पिछले साल के 48 लाख टन की तुलना में इस साल 85 लाख टन गेहूं उपार्जित किया गया है और इस दिशा में मध्यप्रदेश ने हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों को टक्कर दी है

स्वराज ने कहा कि गेहूं के उपार्जन के दौरान केन्द्र की संप्रग सरकार ने कांग्रेस नेताओं के कहने पर कई रोड़े अटकाए, ताकि प्रदेश के किसान भाजपा शासन से नाराज हो जाएं। उन्होंने खाद के दाम बढ़ाने को लेकर भी केन्द्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि हम संसद के आने वाले सत्र में इसे लेकर कड़ा विरोध करेंगे और सरकार को इसे वापस लेने पर मजबूर करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने इस अवसर पर किसानों के लिए कई घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार गेहूं की तरह अब धान की खरीद पर भी समर्थन मूल्य के अलावा किसानों को प्रति क्विंटल 100 रूपये बोनस देगी, कृषि कार्य के दौरान किसान की मृत्यु होने पर दिया जाने वाला मुआवजा अब पचास हजार के बजाए एक लाख रूपये मिलेगा, किसान की गंभीर बीमारी पर समूचा चिकित्सा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, ट्यूबवेल पर अनुदान 24 हजार से बढ़ाकर चालीस हजार रूपये किया जाएगा तथा अगले साल जून से गांवों में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति होगी तथा खेती-किसानी के लिए कम से कम आठ घंटे बिजली दी जाएगी।

उन्होंने केन्द्र सरकार से खाद की बढ़ी कीमत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इसके लिए कल से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में एक संकल्प पारित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को किसानों के लिए पाले को प्राकृतिक आपदा घोषित करना चाहिए, व्यावहारिक फसल बीमा योजना लागू करना चाहिए, कपास की आयात-निर्यात नीति पारदर्शी करनी चाहिए, समर्थन मूल्य की जगह फसल का न्यूनतम शुद्ध आय अवधारणा वाली नीति बनाने तथा किसान को वृद्धावस्था पेशन दी जानी चाहिए।

महापंचायत को वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, पार्टी के प्रभारी महामंत्री अनंत कुमार, महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद प्रभात झा ने भी संबोधित किया तथा इस अवसर पर राज्य मंत्रिमण्डल के कई सदस्य, सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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