मर चुका है 26/11 मुंबई हमले का ट्रेनर अबू हमजा

पूछताछ के दौरान 30 वर्षीय जबीउद्दीन उर्फ अबू जिंदाल ने कहा कि आईआईएससी पर हमले के मुख्य आरोपी हमजा की 2009 में मौत हो गई। इस बयान की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई है। जबीउद्दीन ने यह भी कहा कि 30 वर्षीय हमजा की मौत रहस्यमयी बीमारी से हुई थी और वह उसके क्रियाकर्म के दौरान उपस्थित था।
उसका असली नाम मोहम्मद रमदान मोहम्मद सिद्दिकी बताया जाता है। जबीउद्दीन से हुई विस्तृत पूछताछ के मुताबिक मुंबई पुलिस ने जब 2010 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस हासिल किया था तब हमजा मर चुका था। जबीउद्दीन से पूछताछ में मिली जानकारी से पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ढांचे के बारे में गहराई से पता चलता है।
आईआईएससी में 28 दिसंबर 2005 को अज्ञात बंदूकधारी की अंधाधुंध गोलीबारी में सेवानिवृत्त प्राध्यापक एमसी पुरी मारे गए थे और चार अन्य घायल हो गए थे। प्रो पुरी दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के गणित विभाग के प्रोफेसर एमीरेट्स थे।
जब महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने कहा कि मुंबई हमलों के लिए कराची स्थित नियंत्रण कक्ष से मिल रहे निर्देशों में से एक की आवाज हमजा की थी तो केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए। दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, महाराष्ट्र, बेंगलूर और गुजरात के पुलिस बल ने जबीउद्दीन पर आतंकवाद के आरोप लगाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कहा कि जबीउद्दीन ने लश्कर के विभिन्न कमांडरों के साथ अपने संबंधों और इस संगठन के संस्थापक हाफिज सईद से अपनी मुलाकातों तथा साइबर जगत का इस्तेमाल कर उनकी भर्ती की योजना के बारे में बताया। हमजा से मुलाकात के बारे में जबीउद्दीन ने बताया कि वर्ष 2008 से उसका स्वास्थ्य गिरने लगा था जिसके बाद वह खुद हाशिये पर आ गया था।
उसने मुंबई हमलों के लिए अजमल कसाब सहित लश्कर के 12 सदस्यों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया था। हाल ही में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने जबीउद्दीन को एक महत्वपूर्ण कड़ी करार दिया था। वह हालांकि बेंगलूर हमले में शामिल नहीं था लेकिन पूछताछ में उसने बताया कि हमजा नेपाल से भारत आया था और आईआईएससी पर हमले को अंजाम दिया था। फिर वह उसी रास्ते से पाकिस्तान चला गया था।
कर्नाटक पुलिस ने अपने आरोपपत्र में आईआईएससी पर हमले के सिलसिले में छह लोगों के नाम लिए थे जिन्हें गत दिसंबर में एक अदालत ने दोषी ठहराया। बहरहाल, जबीउद्दीन के पास मोहम्मद रजा उल रहमान, अफजल पाशा, महबूब इब्राहिम, मीरूद्दीन खान, निजामुद्दीन और मुन्ना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये वह लोग हैं जिन पर आईआईएससी पर हमले की साजिश रचने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप है।












Click it and Unblock the Notifications