लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले को मिलेगा 25 हजार का ईनाम

इसी तरह अवैध रूप से (अपंजीकृत) संचालित सोनोग्राफी केन्द्रों की सूचना देने वाले को भी 25 हजार रूपए का ईनाम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं कमलप्रीत सिंह ने सोमवार को राज्य के सभी नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 का राज्य में कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा लिंग परीक्षण और अवैध सोनोग्राफी केन्द्रों की सूचना देने वालों को 25 हजार रूपए का ईनाम देने का निर्णय किया गया है।
कोई भी व्यक्ति संबंधित जिले के कलेक्टर अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी सूचना दे सकता है। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि वह अपने जिले में पंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्रों की नियमित जांच करें। इसके अलावा अपंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
अपंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्र का पता चलने पर सोनोग्राफी मशीन जब्त कर लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के तहत प्रकरण बनाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में छह वर्ष के बालक-बालिकाओं में लिंग अनुपात का अंतर अधिक है, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के तहत प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण पर छह माह का कारावास और 50 हजार रूपए आर्थिक दण्ड का प्रावधान है।












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