जासूसी सीरियल देखने वाले बच्चे ने बना दिया कोरियर वाले को किडनैपर

Police
पंचकूला। टीवी पर सीआईडी और क्राईम पैट्रोल देखने वाला जशन खुद भी जासूस बनने चला था। इसी के चलते उसने अपने अपहरण की बात कहकर सारे शहर में सनसनी फैला दी। उसकी सारी कहानी सुनकर एक बारगी तो पुलिस के आला अधिकारी तक भी सकते में आ गए। पुलिस ने भागदौड़ भी की। जब बात सामने आई तो जशन के दीमाग की उपजी कहानी सामने आई। मगर उसकी इस सारी झूठी कहानी ने कोरियर का काम करने वाले दो युवकों की काफी फजीहत करवा दी।

सेक्टर-9 के जशन किडनैपिंग मामले में ब्यान के बाद पुलिस ने मामले की जांच किडनैपिंग के हिसाब से शुरू की थी। लेकिन पुलिस को यह भी लग रहा था कि यह कोई किडनैपिंग का मामला नहीं है। लेकिन मामला एक छोटे बच्चे से जुड़ा होने के कारण पुलिस इसे गंभीरता से ले रही थी। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे गहन पूछताछ की गई तो बात सामने आई कि यह दोनों युवक कोई किडनैपर नहीं बल्कि एक कोरियर कंपनी के डिलीवरी ब्वाय हैं। दोनों सोमवारर की दोपहर 2.15 बजे सेक्टर-9 के मकान नंबर 716 में रहने वाले एक युवक को जूतों की डिलीवरी करने गए थे।

गिरफ्तार किए गए युवक सलीम और अशोक ने बताया है कि वह दोनों कोरियर देकर लौट रहे थे कि एक बच्चा वैन के आगे आ गया। उसे सड़क के किनारे चलने की बात कह कर वापिस हो गए। उन्होंने कहा कि एेसा हो सकता है कि बच्चा डर गया हो और उन्हें किडनैपर समझ बैठा हो। यह दोनों सेक्टर-14 स्थित एक कोरियर कंपनी में काम करते है। कोरियर कंपनी के सेक्टर-14 स्थित आफिस के मैनेजर राजेश ने बताया कि दोपहर लगभग 2 बजे पुलिस उनके कार्यालय आई।

राजेश ने पुलिस कर्मचारियों को बताया कि उनके पास मारूति वैन है जिसमें लड़के डिलीवरी के लिए जाते है। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने यह भी पूछा की सोमवार को सेक्टर-9 की केाई डिलीवरी थी क्या। राजेश ने कागजात देकर बताया कि कि सेक्टर-9 के मकान नंबर 716 के एक व्यक्ति ने मंतरा डॉट काम से जूते मंगवाए थे। जिसकी डिलीवरी करने के लिए अशोक और सलीम गए थे। इसके बाद पुलिस ने राजेश को दोनों को फोन कर बुलाने के लिए कहा। कुछ ही देर में दोनों अपने आफिस पहुंच गए। जहां से पुलिस दोनों को अपने साथ सेक्टर-5 के थाने ले आई। जहां अशोक, सलीम से पूछताछ की गई।

राजेश ने बताया कि इसके बाद जिस कंपनी के द्वारा दोनों को नियुक्त किया गया था उस कंपनी के संचालक विंग कमांडर विक्रम जीत सिंह भी थाने पहुंच गए। विंग कमांडर ने बताया कि उन्होंने डीसीपी पारूल कुश जैन को पूरे मामले के बारे में बताया और दोनों लड़कों के बार में पूछा। विंग कमांडर ने बच्चे ने गलती से उनके कर्मचरियों को किडनैपर समझ लिया था। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। जबकि थाना सेक्टर-5 में मारूति वैन भी खड़ी है।

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