अगर देशद्रोही हूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की: अन्ना

अन्ना ने कहा कि पीएम कार्यालय से जो चिठ्ठी मिली है उसमें उन्हें देश के विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त होने का आरोपी बताया गया है। इस पर अन्ना ने पीएम से पूछा कि अगर वो दोषी हैं तो उन्हें जेल क्यों नहीं भेजते। अन्ना ने कहा कि वो और उनकी टीम जो आंदोलन चला रही है कि उसे दिशा से भटकाने के लिए पीएमओ ने यह चिठ्ठी भेजी है।
सरकार का दावा है कि लोकपाल बिल बनाने के लिए सरकार ने सभी वैधानिक कदम उठाये हैं। इस पर अन्ना ने कहा कि अगर देश में कानून बनता हैं तो जनता की के खिलाफ नियम कैसे बन सकते हैं। सच पूछिए तो सरकार कठोर कानून बनाना ही नहीं चाहती।अन्ना ने आगे कहा कि पीएमओ की ओर से उन पर झूठे आरोप लगाये गये हैं। प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि संसद में सरकार ने मजबूत लोकपाल बिल प्रस्तुत किया है। इसमें ऐसे प्रावधान हैं, जो आज तक नहीं बने। उससे कठोर कानून नहीं बन सकता। सरकार ने लिखा है कि संसद में प्रस्तावित कानून टीम अन्ना के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है।
इस पर अन्ना का कहना है कि जैसे ही ज्वाइंट कमेटी बनी, उसके तुरंत बाद सरकार पलट गई। फिर कैबिनेट और संसद में टीम अन्ना के साथ धोखा किया। यूं कहिये कि सरकार ने हर कदम पर धोखा किया।
पहले पीएम हिसाब दें जनता को
पीएमओ की ओर से पत्र में अन्ना से अब तक के आंदोलन का हिसाब मांगा है। इस पर अन्ना ने कहा कि हम अपने हर कार्यक्रम में बोर्ड पर हिसाब लगा देते हैं। यही नहीं स्पेशल ऑडिट करवाकर इंटरनेट पर भी हिसाब डाल चुके हैं। तो बार-बार हिसाब क्यों मांगा जा रहा है। हमसे हिसाब मांगने से पहले सरकार अपने खर्च का हिसाब जनता को क्यों नहीं देती।












Click it and Unblock the Notifications