अधूरे सपने के साथ विदा हुए एसवाई कुरैशी

कुरैशी बोले, हमने कुछ ठोस कदम उठाए हैं, जिसका लाभ मिला है। हम पेड न्यूज पर काबू पाने में कामयाब रहे हैं। हमने अब चुनाव सुधारों की सिफारिश की है ताकि इसे संज्ञेय अपराध बनाया जा सके। जब सुधार प्रस्ताव आगे बढ़ेंगे तो वह महत्वपूर्ण कदम होगा।'
कुरैशी ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए कोलेजियम के गठन को लेकर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अलग से विश्वसनीय व्यवस्था होनी चाहिए। सबसे वरिष्ठ आयुक्त को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आदर्श आचार संहिता को संवैधानिक दर्जा देने पर एतराज जताते हुए कहा कि इसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ के अच्छे नतीजे नहीं मिलेंगे।
कुरैशी के बाद आज थोड़े ही देर में देश के 18वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में वीएस संपत कार्यभार संभाल लेंगे। 1973 बैच के आईएएस 62 वर्षीय संपत को पिछले हफ्ते ही मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया जो वर्ष 2014 के आम चुनावों तक रहेंगे। इससे पहले वह केंद्र में ऊर्जा सचिव थे। 16 जनवरी 1950 को जन्मे संपत जनवरी 2015 तक आयोग को अपनी सेवाएं देंगे। संविधान के मुताबिक, कोई भी सीईसी छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक कार्यभार संभाल सकता है।












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