56 करोड़ के नोटिस देख सरकार पर भड़के बाबा रामदेव

जींद। अर्जुन स्टेडियम में अपने दो दिवसीय योग शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भ्रष्ट राजनेताओं का जनता को सामाजिक तथा राजनीतिक बहिष्कार कर देना चाहिए। इससे वे अपने आप समाप्त हो जाएंगे। दूसरे दिन भी योग शिविर में काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

इनकम टैक्स मामले में मिले 56 करोड़ के नोटिस पर बाबा ने कहा कि यह सब सरकार का किया धरा है। योग शिविर के साथ-साथ काले धन को वापस लाने तथा भ्रष्ट राजनेताओं को सबक सिखाने की बात दूसरे भी बाबा ने योग शिविर के बीच-बीच में दोहराई।

Baba Ramdev

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारी राजनेताओं को जनता ही सबक सिखा सकती है। यदि आप लोग इनका सामाजिक तथा राजनीतिक बहिष्कार कर दें तो यह अपने आप समाप्त हो जाएंगे। बाबा ने कहा कि ऐसे लोगों को गांव या शहर में नहीं घुसने देना चाहिए। ऐसे लोग भारत के माथे पर कलंक हैं। काले धन को वापस लाने की जो मुहिम उन्होंने छेड़ी है, जनता के सहयोग से उसे वे पूरी करेंगे। भारत को जो धन विदेशों में जमा है यदि वह वापस भारत आ जाए तो हमें किसी भी तरफ देखने की जरूरत नहीं है। उस पैसे से देश में इतने उद्योग धंधे, शिक्षण संस्थान खुल जाएंगे कि कोई भी युवा बेरोजगार नहीं बचेगा बल्कि हम दूसरे देशों के लोगों को अपने यहां रोजगार देंगे। हमारे देश में कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं बचेगा।

उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी किसी जाति को आरक्षण देने की बात नहीं की। देश में गरीबों को ही आरक्षण मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति का क्यों न हो। आगामी लोकसभा चुनाव के बारे में बाबा रामदेव ने कहा कि उनकी चुनावों में अहम भूमिका होगी। हालांकि वे राजनीति में भाग नहीं लेंगे, तथा कभी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन वे जनता को जागरूक करेंगे तथा भ्रष्ट राजनीतिज्ञों के खिलाफ वोट डालने की अपील करेंगे। यदि जनता जागरूक हो जाए तो देश से भ्रष्टाचार अपने आप मिट जाएगा। इनकमटैक्स की तरफ से मिले 56 करोड़ रुपए के नोटिस पर बाबा रामदेव ने कहा कि यह सब सरकार का ही किया धरा है। उन्हें इस मामले में कमिश्नर से स्टे ऑर्डर मिल चुका है और ट्रिब्यूनल में केस चल रहा है। उन्होंने इसके पीछे सीधा कांग्रेस का हाथ बताया और कहा कि उनकी संस्थाएं तो 20 साल से कार्य कर रही हैं लेकिन आज तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।

पिछले साल 4 जून से उन्हें 50 से ज्यादा नोटिस मिल चुके हैं। देश में ऐसा कोई विभाग नहीं है, जिसका उन्हें नोटिस नहीं मिला। सरकार अब बाबा के पीछे हाथ धोकर पड़ी है लेकिन बाबा डरने वाले नहीं हैं। वे काम करते थे, करते हैं और करते रहेंगे। रामलीला मैदान से जान बचाकर भागने के सवाल के जवाब में बाबा ने कहा कि वे पहले भी 6 बार गिफ्तारियां चुके हैं लेकिन वहां उनको मारने की साजिश थी, इसलिए गिरफ्तारी नहीं दी। उन्हें जिंदा रहकर देश की सेवा करनी है तथा लोगों को जागरूक करना, इसलिए जान बचानी पड़ी। यह उन्होंने अपने लिए नहीं बल्कि देश के लिए किया। अपने आपको जींद से जोडऩे वाले बाबा से जब यह सवाल किया कि अब उन्हें जींद के लिए कुछ करना चाहिए। इसके जवाब में बाबा चुप्पी साध गए। जींद के पत्रकारों द्वारा जींद के लिए कोई घोषणा करने की बार-बार अपील पर बाबा ने कहा कि घोषणाएं तो राजनीतिक लोग करते हैं।

प्रशासन ने ली राहत की सांस

बाबा रामदेव के योग शिविर तथा आर्य समाज द्वारा विरोध करने के कारण प्रशासन को सुरक्षा की काफी चिंता सता रही थी। अपने आपको आर्य समाज का कर्ताधर्ता बताने वाले लोगों ने बाबा रामदेव के योग शिविर को बंद करवाने को लेकर शहर में प्रदर्शन भी किया लेकिन शिविर शांतिपूर्वक निपटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बताते चलें कि जब से जींद में बाबा रामदेव के शिविर की घोषणा हुई थी, तब से आर्य समाज ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। आर्य समाज के लोगों ने इस मामले में शिविर की अनुमति रद करने को लिए डीसी को ज्ञापन भी दिया था।

शिविर के एक दिन पहले इन लोगों ने शहर की सड़कों, बाजारों में प्रदर्शन भी किया तथा बाबा पर आर्य समाज के सैद्धांतिक नियमों की अवहेलना करने का आरोप लगाया था। एक तरफ शिविर तथा दूसरी तरफ विरोध ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को चिंता में डाल दिया था। दो दिन तक चले योग शिविर में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए था। शिविर शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

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