अन्ना बैठक की रिकॉर्डिंग करते पकड़े गए कासमी

कोर कमेटी की बैठक में फोन रिकार्डिंग करते पकड़े गए मुफ्ती शमून कासमी का कहना है कि वे निर्दोष हैं उन्हें तो फोन रिकार्डिंग करना आता ही नहीं। उनका कहना है कि वह इंडिया अगेंस्ट करप्शन के साथ रहेंगे। कोर कमेटी के एक अन्य सदस्य मनीष सिसौदिया ने उनकी इस सफाई को नकारते हुए कहा कि अन्ना के आंदोलन से भ्रष्ट लोगों की नींद हराम हो गयी है जिस कारण वह आंदोलन को कमजोर करने तथा टीम अन्ना के सदस्यों को तोडऩे की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले स्वामी अग्निवेश को आंदोलन के खिलाफ खड़ा किया गया था और अब कासमी का इस्तेमाल किया गया। विवाद के बाद कोर कमेटी से बाहर हुए कासमी ने कहा कि मैं मोबाइल फोन के फंक्शन के बारे में भली भांति नहीं जानता तो भला रिकार्डिंग कैसे कर सकता हूं। इस पर सिसौदिया का कहना है कि श्री कासमी पूर्व उन्हें कई एसएमएस कर चुके हैं उनके पास दो टच स्क्रीन मोबाइल फोन है। तो ऐसे में उनका यह कहना कि मैं फोन पर रिकार्डिंग करना नहीं जानता एकदम झूठ है।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान ही कासमी पर शक होने पर उनका मोबाइल लेकर दूर रख दिया गया लेकिन उन्होंने वहां से फोन उठा लिया। उनके इस कदम से सदस्यों को उन पर शक हो गया। सदस्यों ने मोबाइल की जांच की बात और उनका मोबाइल देखा गया तो उसमें बैठक की तीन रिकार्डिंग पाई गईं। उसमें सदस्यों की कुछ निजी बातचीत भी रिकार्ड की गई थी।
उधर कासमी का कहना है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह के साथ फोटो अखबार में छपना तथा सर्वधर्म समभाव एवं विश्व शांति संस्था के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात और कोर कमेटी की बैठक के दौरान अन्ना से अकेले में मिलना कुछ लोगों को नागवार गुजरा इसलिए उनके खिलाफ यह झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।












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