संसद में गूंजी कलेक्टर मेनन कर रिहाई की गूंज

मेनन को बचाने के सभी प्रयास किये जाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री पी चिदंबरम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस मुद्दे पर बयान दें। द्रमुक के टी आर बालू ने कहा कि मेनन का अपहरण न सिर्फ प्रशासन के लिए चेतावनी है बल्कि आंतरिक सुरक्षा के लिए भी बहुत बडा खतरा है। मेनन को रिहा कराने की जिम्मेदारी केन्द्र की है। कांग्रेस के एस एस रामासुब्बू ने कहा कि मेनन का अपहरण राष्ट्र के लिए बडा धक्का है।
उन्होंने मारे गये मेनन के सुरक्षाकर्मियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। राज्यसभा में भी शून्यकाल के दौरान भाकपा के डी राजा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु से संबंध रखने वाले मेनन का माओवादियांे ने सुकमा में अपहरण कर लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना की घोर निंदा की जानी चाहिए। राजा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए ताकि मेनन की रिहाई में मदद मिल सके।
अन्नाद्रमुक के वी मैत्रेयन और द्रमुक के टी शिवा सहित कई दलों के सदस्यों ने अपहरण की निन्दा करते हुए मेनन की रिहाई के कदम उठाये जाने की मांग की। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में केरलापाल क्षेत्र के माझीपाला गांव में नक्सलियों ने शनिवार 21 अप्रैल को मेनन का अपहरण कर लिया था। नक्सलियों ने मेनन को छोड़ने के एवज में जेल में बंद अपने कई साथियों की रिहाई सहित विभिन्न मांगें की हैं।












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