पेट पर भारी पड़ रही है मूंछ की शान

यह हाल पूरे प्रदेश में ही है लेकिन कौशाम्बी का हाल ज्यादा बुरा है। यहां के गांवों को चमकाने और साफ सुथरा रखने के मकसद से तैनात किये गये सफाई हाथ में झाडू उठाने में शर्मसार हो रहे हैं। इन सफाई कर्मियों की मूंछ झाडू के बीच आ रही है। पेट पालने के लिए भले ही सफाई कर्मियों को नौकरी मिल गयी है लेकिन यहां के सफाई कर्मियों के बीच मूंछ और पेट में द्वन्द्व चल रहा हैं। उसमें अब तक पेट पर मूंछ भारी पड़ रहे हैं तभी तो कोई भी कर्मी सफाईकर्मी हाथ में झाडू उठाना पसंद नहीं कर रहा है।
झाडू उठाए भी कैसे आखिर बिरादरी एवं समाज का भी तो ख्याल रखना है। हालात इस तरह बिगड़ चुके हैं कि जिले का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा जहां सफाई का कार्य होता हो। जिले के करीब 831 सफाईकर्मी तैनात हैं। सफाईकर्मियों पर अपने तैनाती के गाव में नाली, खडंजा व गलियों की सफाई के अलावा सरकारी प्राथमिक स्कूल की सफाई का दायित्व भी है।
जिले के गांव जस के तस हैं उनकी शक्ल सूरत नहीं बदली जा सकी। गांव में बजबजाती नालियों, गलियों एवं रास्तो में पसरी गंदगी घरों के आस-पास पड़े कूड़े के ढेर पूरी व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। वहीं अधिकतर सफाईकर्मी पर ग्राम प्रधान एवं पंचायत अधिकारी मेहरबान हैं। जिले भर में सफाई कॢमयों की शिकायतें यहा सम्बंधित अधिकारियों के पास रोज मिल रही है। वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। टीम की रिपोर्ट पर लापरवाह सफाई कर्मियों को निलंबित किया जाएगा।












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