कट्टरपंथियों ने पानी में मिलाया जहर, सैकड़ों लड़किया गंभीर

उन्होंने साथ ही बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हुसैन ने बताया कि उत्तर पूर्वी तखार प्रांत के रूस्ताक कस्बे में लड़कियां हाई स्कूल में बने टैंक से पानी पीने के बाद बीमार पड़ गयीं। शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल सबूर ने हालांकि जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचने के प्रति चेताया है।
उन्होंने कहा कि हमारी रिपोर्टों के अनुसार कई लड़कियां आतंकित थीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दी गयी। लेकिन कुछ लड़कियां अभी भी अस्पताल में हैं। हमें लगता है कि यह एक छोटी सी घटना है पर हम अपनी जांच कर रहे हैं।
गौरतलब है कि देश में वर्ष 2001 से पहले तालिबान शासन के दौरान लड़कियों के स्कूल जाने या महिलाओं के कार्यालयों में काम करने पर पाबंदी थी। 2001 में अमेरिकी नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय बलों ने तालिबान को खदेड़ दिया था। उसके बाद से तालिबान ने पश्चिम समर्थित राष्ट्रपति हामिद करजई की सरकार तथा देश में नाटो सेना के खिलाफ जंग छेड़ रखी है।
अब देश में लाखों लड़कियां स्कूल जाती हैं लेकिन उन पर तथा उनके अध्यापकों पर कभी कभार हमले होते हैं। प्रांतीय स्वास्थ्य सेवा निदेशक हफीजुल्लाह सफी ने बताया कि 140 स्कूली छात्राओं को स्थानीय अस्पतालों में दाखिल करवाया गया लेकिन अधिकतर को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी। इन छात्राओं ने सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत की थी।
पिछले साल इसी प्रकार के मामले में देशभर में सैंकड़ों छात्राओं को संदिग्ध गैस हमले या विषाक्त पानी पीने के बाद बीमार पड़ने पर अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। उस समय प्रशासन ने इसके लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया था लेकिन कुछ अधिकारियों ने इसके लिए हिस्टीरिया को भी एक वजह माना था। पूरी दुनिया में किशोरवय लड़कियों को अक्सर इसका सामना करना पड़ता है।












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