कर देने से बौखलाई वोडाफोन भारत को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में घसीटेगी

भारत में कारोबार कर रही ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन ने विदेश में हुए सौदों को भी देश में आयकर दायरे में लाने के भारत सरकार के प्रस्ताव के विरोध में सरकार को नोटिस भेजा है। वोडाफोन कर देनदारी को लेकर भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय पंचाट में घसीट सकता है। भारत और नीदरलैंड के बीच निवेश संबंधी समझौते के तहत कंपनी यह कार्रवाई कर सकती है।
वोडाफोन ने मंगलवार को कहा कि केंद्र, सरकार के वित्त विधेयक 2012 में भारतीय आयकर कानून 1961 में संशोधन का जो प्रस्ताव है, उससे वोडाफोन और ऐसी अन्य विदेशी कंपनियों के भारत में निवेश करने की अंतरराष्ट्रीय कानूनी सुरक्षा का उल्लंघन होता है। नोटिस में सरकार से आयकर कानून में संशोधन न करने का आग्रह करते हुए कहा गया है इस मुद्दे का बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। कंपनी ने कहा है कि यदि उसके अनुरोध पर सही तरीके से विचार नही ंकिया गया, तो वह अपने शेयर धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए दूसरे हर संभव कदम उठाएगी।
केमैन द्वीप में वोडाफोन और सिंगापुर की कंपनी हचिसन के बीच हुए सौदे के बाद यह कंपनी भारत में दूरसंचार कारोबार कर रही है। भारतीय आयकर विभाग ने इस सौदे को लेकर कंपनी पर 11 हजार करोड रुपये की कर देनदारी तय की थी। इसके खिलाफ वोडाफोन सुप्रीम कोर्ट गया था, जिसमें उसे कर देनदारी से मुक्त कर दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में वित विधेयक पेश करते हुए कहा था कि सरकार भारतीय आयकर कानून में पूववर्ती प्रभाव से संशोधन करेगी। ताकि विदेश में हुए सौदों को आयकर विभाग के अधिकार क्षेत्र में लाया जा सके। हालांकि उन्होंने निवेशकों को आश्वास्त किया था कि इस संशोधन से वे ही सौदे प्रभावी होंगे, जो छह वर्ष पूर्व किए गए हैं।












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