बिहारी भी आ गए यूपी में बेरोजगारी भत्ता लेने

पंजीकरण के लिये अंक पत्र की छाया प्रति अनिवार्य है लेकिन अंक पत्र में किसी छात्र का पता अङ्क्षकत नहीं रहता। इस कारण बेरोजगारी भत्ता पाने के लिये बिहार के लोग भी पंजीकरण करा रहे हैं, जिसमें प्रदेश के रिश्तदारों अथवा परिचितों के पते का लाभ लेकर पंजीकरण करा लिया है।
बिहार के बेरोजगारों को बाहर करने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा यह है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सीमा क्षेत्र के कई लोगों ने बिहार परीक्षा बोर्ड से डिग्री ली है जबकि बिहार के कई लोग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से परीक्षा पास कर चुके हैं। स बन्धों का लाभ उठाकर या फर्जी दस्तावेज से उत्तर प्रदेश का निवासी बता कर ऐसे लोग रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराने के बाद सीमावर्ती बैकों में खाता खुलवा रहे हैं।
जिला सेवायोजन कार्यालय में 57713 शिक्षित बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया है जिसमें 45018 पुरुष तथा 12615 महिला बेरोजगार हैं। बरोजगारी भत्ते के लिए उमड़ती भीड़ पर सेवायोजन अधिकारी का कहना है कि बेरोजगारी भत्ते देने के पहले इसकी विधिवत जांच की जायेगी इसके बाद ही किसी को भत्ता दिया जायेगा।












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