वादे पूरा करने के लिए अखिलेश के पास नहीं है पैसा

इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से मुख्यमंत्री और मनमोहन सिंह की बैठक के बारे में पत्र प्राप्त हो गया है। दोनों नेता आगामी 14 अप्रैल को मिलेंगे। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की यह पहली बैठक होगी। अखिलेश यादव राज्य के विकास और हित के बारे में डा0 सिंह से बात के दौरान राज्य को विशेष सहायता देने का आग्रह करेंगे। राज्य के मु य सचिव जावेद उस्मानी महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बात पहले ही कर चुके हैं।
प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा की पहली प्राथमिकता अपने चुनावी वायदों को पूरा करने की है जिसमें बेरोजगारी भत्ता देने तथा दसवीं पास छात्र छात्राओं को टेबलेट और बारहवीं पास को लैपटाप देना है। इससे पूर्व बसपा की सरकार ने भी केंद्र सरकार से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के विकास के लिये 80 हजार करोड़ रूपये का विशेष पैकेज देने की मांग की थी। बसपा प्रमुख मायावती ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को कई पत्र भी लिखे।
बसपा के पांच साल के कार्यकाल में मायावती को कभी भी प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई जवाब नहीं मिला। अखिलेश यादव आंतरिक सुरक्षा के सवाल पर मुख्यमंत्रियों की आगामी 16 अप्रैल को होने वाली बैठक में भी हिस्सा लेंगे। पिछले पांच साल में यह पहला मौका होगा जब उत्तर प्रदेश के मु यमंत्री दिल्ली में होने वाली किसी बैठक में हिस्सा लेंगे। इससे पूर्व मायावती दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की होने वाली किसी बैठक में हिस्सा नहीं लेती थी।
वह बैठक में अपने प्रतिनिधि ही भेजा करती थी। अखिलेश यादव के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी जायेगा। सपा सूत्रों नेआज यहां कहा कि पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर अखिलेश यादव प्रधानमंत्री से मिलने और मुख्यमंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।












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