इमरान और सूफिया आएंगे जेल से बाहर

भारतीय नागरिक होने का दावा करने वाले पाकिस्तानी नागरिकता प्राप्त कर चुके इमरान और उसकी पत्नी सूफिया को जमानत मिल गई। सोमवार को दोनों को 20 हजार के निजी मुचलके और जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया गया लेकिन दोनों को अभी कुछ दिन और न्यायिक हिरासत में रहना होगा। अदालत ने जांच एजेंसी को आदेश दिया है कि पहले जमानती के पते की जांच की जाए। इमरान का जमानती उसके गुजरात निवासी माता-पिता बने हैं। पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही इमरान और सूफिया बाहर आ सकेंगे। उधर 17 दिनों से अंतरिम जमानत पर चल रहे इमरान को भी सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
तीस हजारी अदालत स्थित मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विनोद यादव ने इमरान यूसुफ और उसकी पत्नी सूफिया कंवल को 20 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि सुनवाई की हर तारीख पर इमरान को अदालत में मौजूद रहना होगा। आरोपियों का दिल्ली में कोई जमानती नहीं था लिहाजा गुजरात निवासी उसके माता-पिता जमानती बने हैं। अदालत ने जांच एजेंसी को आदेश दिया है कि पुलिस गुजरात में इमरान के माता-पिता के निवास स्थान की जांच कर 13 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपे।पेश मामले के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूसुफ इमरान और सूफिया कंवल को पांच दिसंबर, 2011 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने इमरान और सूफिया पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन आरोपपत्र महज फॉरनर्स एक्ट और जालसाजी के तहत दाखिल किए गए। इमरान का आरोप है कि वह सूफिया के साथ नेपाल आया था। नेपाल से ही पुलिस जबरन दोनों को भारत लाई और फर्जी मामले में फंसाया है। इससे पहले पांच मार्च, 2012 को दोनों की नियमित जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। इमरान को बेगुनाही साबित करने के लिए अदालत ने 20 मार्च को अंतरिम जमानत पर रिहा किया था।












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