मिलेंगे इंडो-पाक के यंगिसतान राहुल-बिलावल

1988 में राजीव गांधी और बिलावल की मां बेनजीर भुट्टो की अंतिम मुलाकात सार्क सम्मेलन के दौरान हुई थी। दोनों को बाद में दो अलग-अलग आतंकी वारदातों में राजीव और भुट्टो मार दिये गये। जाहिर है उनके बेटे राहुल और बिलावल के दिल में कहीं न कहीं आतंक के खिलाफ घाव तो हैं ही, लेकिन पता नहीं इस मुलाकात में ये घाव ताज़ा होंगे या नहीं। खैर हम यही चाहेंगे कि दु:खद पहलुओं की यादें ताज़ा नहीं हों।
सच पूछिए तो भारत और पाकिस्तान के भविष्य के नेताओं की यह मुलाकात नये रंग ला सकती है। राहुल की उम्र करीब 40 वर्ष है, जबकि बिलावल अभी 26 साल के हैं। दोनों में एज डिफरेंस भले ही हो, लेकिन दोनों अपने-अपने देशों में यूथ लीडर के रूप में प्रसिद्ध हैं।
भारत-पाक की इस अनौपचारिक मुलाकात में युवा नेताओं की मुलाकात भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस अनौपचारिक मुलाकात में दोनों एक दूसरे को समझने के प्रयास करेंगे। जाहिर है आज के युवा देशों को जोड़ने में ज्यादा विश्वास रखते हैं, तो हो सकता है दोनों भारत-पाक को करीब लाने में महत्वपूर्ण योगदान दें।












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