मुखर्जी पेश करेंगे स्वतंत्र भारत का 81वां आम बजट

तत्कालीन वित्त मंत्री आर के शण्मुखम चेट्टी द्वारा 26 नंवबर 1947 को पहला आम बजट पेश किए जाने के बाद से अब तक संसद में 80 बार बजट पेश किए जा चुके हैं जिनमें अंतरिम और विशेष परिस्थिति से जुड़े बजट प्रस्ताव शामिल हैं। मोरारजी देसाई ने सबसे अधिक 10 बार आम बजट पेश किया है जबकि मुखर्जी कल बजट पेश करने के बाद पी चिदंबरम, यशवंत सिन्हा, वाय बी चह्वाण और सी डी देशमुख की जमात में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने सात बार देश का बजट पेश किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्त मंत्री टी टी कृष्णमाचारी ने वित्त मंत्रालय में अपने-अपने कार्यकाल में छह-छह बजट पेश कर चुके हैं। मुखर्जी ने अब तक छह बजट पेश किया है जिसमें 2010-11, 2011-12 और वित्त वर्ष 2009-10 का अंतरिम बजट शामिल है। इससे पहले 80 के दशक में भी मुखर्जी ने लगातार तीन आम बजट पेश किए थे।
आर वेंकटरमण और एच एम पटेल ने तीन-तीन बजट पेश किए जबकि जसवंत सिंह, वी पी सिंह, सी सुब्रमण्यम, जान मथाई और आर के शण्मुखम चेट्टी ने दो-दो बजट पेश किए। इनके अलावा जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, चरण सिंह, एन डी तिवारी, मधु दंडवते, एस बी चह्वाण और सुचींद्र चौधरी ने एक-एक बजट पेश किया। नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी ने बजट प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के तौर पर पेश किया था। इधर चरण सिंह (एक बार) और मोरारजी देसाई (चार बार) ने उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश किया।












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