राज्यसभा चुनाव में भी फायदे में रहेगी सपा
बसपा दो और भारतीय जनता पार्टी अपने 47 विधायकों के साथ एक सीट जीत सकती है। कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और कुछ अतिरिकत मत दसवीं सीट का निर्णय करेंगे। जीत के लिये प्रथम वरीयता के चालीस मतों की आवश्यकता होगी। राज्यसभा में कांग्रेस और भाजपा के बाद बसपा सबसे बड़ी पार्टी है। राज्यसभा में बसपा के 18 सदस्य है लेकिन इनमें पांच सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पार्टी मात्र दो सीट जीतने की स्थिति में है। सपा के राज्यसभा सदस्यों की संख्या अभी पांच है जो बढ़कर दस हो जायेगी।
मायावती 2003 में अपनी सरकार के पतन के बाद राज्यसभा की सदस्य बनी थी। इसलिये कयास लगाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने के लिये वह राज्यसभा जा सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी अपने चुने गये 80 विधायकों के साथ दो सीट जीतने की स्थिति में है । बसपा विधान परिषद के होने वाले चुनाव में भी अपने सदस्य खोयेगी । विधान परिषद की एक सौ सीटों की कुल संख्या में बसपा के 65 सदस्य हैं। विधान परिषद की सदस्य सं या में यह किसी भी दल का रिकार्ड है।
राज्यसभा से आगामी दो अप्रैल को बसपा के पांच, सपा और भाजपा के दो-दो तथा राष्ट्रीय लोकदल के एक सदस्य का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कांग्रेस और रालोद गठबंधन एक सीट जीत सकता है। बसपा के प्रमोद कुरील, एम.अली, जयप्रकाश, गंगाचरण राजपूत तथा नरेश अग्रवाल, भाजपा के विनय कटियार और कलराज मिश्र, सपा के महेन्द्र मोहन गुप्ता तथा वीरपाल सिंह यादव और रालोद के महमूद असद मदनी का कार्यकाल खत्म होगा। इनमें सपा सदस्य जयप्रकाश और नरेश अग्रवाल हाल ही में सपा में शामिल हुये हैं ।













Click it and Unblock the Notifications