आंदोलन को राजनीति रूप देने में लगे हैं आंदोलनकारी: सांगवान
उन्होंने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए 4 मार्च को भिवानी स्थित जाट धर्मशाला में कार्यकारिणी की बैठक की जाएगी, जिसमें आंदोलन के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। वार्ता के दौरान सांगवान ने फिल्हाल जो आंदोलन चल रहा है उसके बारे में बताते हुए कहा कि ये आंदोलनकारी आंदोलन को सिर्फ राजनीति रूप देने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में मिलने वाले आरक्षण में श्रेय लेना चाहते हैं। सांगवान ने कहा कि यह बात सब जानते हैं कि किसी भी स्थाई आयोग को कोई भी सरकार उसकी रिपोर्ट के लिए सीमाबद्ध नहीं कर सकती है, इसके लिए समाज के लोगों को धैर्य से रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर फिर भी यदि योग की रिपोर्ट में जाट समाज के साथ न्याय नहीं किया जाता है तो दोबारा आंदोलन छेडऩा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को 21 फरवरी को अपने दावे के सभी कागजात सौंप चुके हैं इसलिए केंद्र में सुनवाई की मांग करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन का बिगुल बजाएंगे। इस दोरान केंद्रीय नेताओं को समाज के लोगों से किए गए वादों को याद दिलाएंगे।
इस आंदोलन के लिए 4 मार्च की भिवानी स्थित जाट धर्मशाला में समिति के प्रदेशभर के कार्याकर्ताओं की एक बैठक बुलाई गई जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। वार्ता के दौरान हाल में चल रहे आंदोलन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ये आंदोलनकारी सिर्फ दो मकसदों से यहां बैठे हैं। उन्होंने कहा कि इनका पहला मकसद है आंदोलन को राजनीति रूप देना और दूसरा निकट भविष्य में मिलने वाले आंदोलन का श्रेय पाना। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को धैय की जरूरत है। सरकार व आयोग उनके साथ न्याय जरूर करेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जाट समाज को केंद्र और राज्य में एक साथ आरक्षण चाहिए, उन्हें टुकड़ों आरक्षण स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे आम जनता को इन आंदोलनों से परेशान नहीं करना चाहते।
जाटों को वार्ता के लिए चंडीगढ़ बुलाया
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों को सरकार की ओर से वार्ता का बुलावा भेजा गया है। यह वार्ता कल चंडीगढ़ में होगी। समिति के हिसार जिला अध्यक्ष रामभगत ने बताया कि समिति के पास सरकार की ओर से वार्ता का बुलावा आया है। वार्ता में समिति सदस्य भाग लेंगे या नहीं और कौन-कौन भाग लेंगे, इसके लिए समिति की बैठक बुलाई गई है। आज हांसी में समिति व खाप प्रतिनिधियों की बैठक चल रही है जिसमें कोई निर्णय होगा।
उधर गांव रामायण के पास अनशन पर बैठे लोगों की हालत में कोई सुधार यहीं हुआ है। अब भी जाट समुदाय के लोग रेलवे ट्रैक के पास धरने पर बैठे हुए हैं तथा रेल गाडिय़ां बंद हैं। उल्लेखनीय है कि जाट समुदाय व खाप पंचायतों की गत दिवस हुई बैठक में सरकार को तीन दिन का समय दिया गया था। जाट समुदाय की ओर से कहा गया था कि तीन दिन केअंदर उनकी मांग पर गौर नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।













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