ज्यादा खाने से लोगों की होती याददाश्त कमजोर
अक्सर खाने की मेज पर आप अच्छी और मनपसंद चीज को ज्यादा खा जाते है। मतलब की आम तौर पर आप एक पराठे की जगह दो पराठे खा लेते हैं। खाने की इस आदत को ओवर इटिंग कहते हैं। जिससे आपके वजन पर तो असर होता ही है साथ ही यह आपकी याददाश्त के लिए अच्छा नहीं है। जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और दिल के रोग जैसी बीमारियां तो हो सकती हैं, साथ ही कमजोर याददाश्त, डिमेन्शिया और तो और अल्झाइमर जैसी समस्याएं खड़ी हो जाती है।
मेयो क्लीनिक ने बढ़ती उम्र के साथ बढ़ती समस्याओं पर किए गए एक अध्ययन में कहा है कि इसके शुरूआती नतीजों से संकेत मिलता है कि जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से अधिक उम्र के लोगों की याददाश्त कमजोर होने का खतरा अधिक होता है।
अध्ययन में अधिक उम्र के लोगों में, ली जाने वाली कैलोरी और आसन्न मामूली संज्ञानात्मक बाधा माइल्ड कॉग्नीटिव इम्पेयरमेंट (एमसीआई) के बीच संबंध पाया गया है। मेयो क्लीनिक ने यह अध्ययन 2006 में 70 से 89 साल के 1,233 लोगों पर शुरू किया था जिन्हें पहले डिमेंशिया नहीं था।
तो इसलिए आप लोग आज से उतना ही खाये जितनी भूख हो। क्योंकि भूख से एक रोटी कम खाने से आपकी सेहत बिल्कुल प्रभावित नहीं होगी लेकिन एक रोटी ज्यादा खाना कई रोगों के मुफ्त में दावत देना है।













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