उमा भारती की मदद कर रहा है प्रशासन: बसपा
बसपा नेता और वरिष्ठ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आयोग को भेजी शिकायत में कहा है कि उमा के समर्थन में सीमावर्ती मध्य प्रदेश के हजारों की सं या में लोग इन दिनों चरखारी के ग्रामीण इलाकों में घुसपैठ कर फर्जी वोङ्क्षटग कराने की रूपरेखा तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सब कुछ जानते हुये भी जिला प्रशासन इस बात से अनजान बना हुआ है।
उन्होंने प्रशासन पर भाजपा के दबाव में काम करने और बसपा प्रत्याशी को जानबूझ कर पराजित करा दिये जाने की आशंका भी जताई तथा तत्काल मामले में हस्तक्षेप करते हुये आयोग से भेजे गये पर्यवेक्षकों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। सिद्दीकी ने कहा कि उमा भारती के चरखारी से चुनाव मैदान में आ जाने के बाद महोबा का जिला प्रशासन अतिरिक्त दबाव में आ गया है।
उमा भारती के चुनाव प्रचार के लिये इन दिनों पूरे विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो हजार वाहनों के साथ हजारों की सं या में मध्यप्रदेश निवासी मौजूद हैं जो वोटरों को प्रलोभन देकर और धमकियां देकर अपने पाले में खींचने का कार्य कर रहा है। उनका आरोप है कि सीमावर्ती छतरपुर और टीकमगढ़ जनपदों के निवासी यह लोग जगह जगह गोपनीय बैठकें कर फर्जी मतदान की रणनीति भी तैयार कर रहे हैं, इसके लिये उन लोगों का भी सहयोग लेने में भी परहेज नहीं किया जा रहा जो आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि चरखारी सीट उमा भारती के कारण खासी महत्वपूर्ण हो गयी है। पिछले चुनाव में यह सीट बसपा के कब्जे में थी। बसपा ने राठ विधानसभा सीट से विधायक चौधरी ध्रूराम लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है लेकिन राजनैतिक कद के लिहाज से वह भाजपा की उमा भारती के सामने खासा बौना साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि उमा की उम्मीदवारी से सीट गंवा देने का खतरा बसपा ने पहले ही भांप लिया था। यही वजह थी कि उमा के नामांकन पत्र में तमाम खामियां दर्शाते हुये पार्टी ने एक अधिवक्ता के जरिये जांच के दौरान आपत्तियां दर्ज करा उनका पर्चा निरस्त कराने की कोशिश भी की थी। इन आपत्तियों में उमा भारती के मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और लखनऊ से वोटर होने का भी एक मामला प्रमुख था लेकिन जांच में यह सभी आरोप निराधार पाये गये।













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