इजरायल के दबाव में ईरानी, लेबनानी छात्रों से पूछताछ

वहीं दूसरी ओर इजरायल खुलेआम कह रहा है इसके पीछे ईरान का हाथ है। भारत ने मजूबरी में दिल्ली में ईरानी और लेबनानी छात्रों से पूछताछ की है। इजरायल पहले ही इसके पीछे हिजबुल्लाह का हाथ जताया था। ईरान समर्थित यह आंतकी संगठन लेबनान में काम करता है। लेकिन भारत के मामले में इस संगठन का शुरू से अलग रुख रहा है। यह आतंकी संगठन भारत को दुश्मन नहीं मानता। पर इजरायल के दवाब में मंगलवार की देर रात दिल्ली में रह रहे ईरानी और लेबनानी छात्रों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अब तक ईरान के छात्रों के इसमें शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने अब तक किसी ईरानी छात्र की गिरफ्तारी नहीं की है।
गौरतलब है इजरायल की एक टीम मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच चुकी है। इसके अधिकारियों ने आते ही पूछना शुरू किया कितने ईरानी गिरफ्तार किए गए हैं। वे दावा कर रहे हैं कि उनके पास पक्की सूचना है कि ईरानियों ने हमला किया है। मजबूरी में सरकार को सक्रिय होना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक दहशतगर्दों ने घटना को अंजाम देने से पहले इजरायली दूतावास की रेकी भी की थी। हमले में तीन बाइक का इस्तेमाल हुआ था जिसे 4-5 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। प्रधानमंत्री निवास जैसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आतंकी सक्रिय रहे और पिछले 10 दिनों से हमलों के फिराक में थे। एक चैनल का दावा है कि हमलावरों ने तीन बार पहले भी हमले का प्रयास किया था यह उनकी चौथी कोशिश थी जो कामयाब हो गई।
वहीं इजरायली राजनयिक ने खुलासा किया है कि कई दिनों से एक शख्स उनके पीछे था। दिल्ली पुलिस के बाद गृहमंत्रालय ने भी राजदूत की कार पर हुए हमले को आतंकी वारदात मान लिया है। गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि किसी प्रशिक्षित व्यक्ति ने इस हमले को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि रेड लाइट पर मोटरसाइकिल सवार ने दूतावास की इनोवा गाड़ी पर बम चिपकया। उन्होंने कहा कि आतंकियों के निशाने पर राजनयिक की पत्नी थी। पुलिस को हमले का एक चश्मदीद मिला है, जिससे पूछताछ हो रही है। पुलिस चश्मदीद से मिली जानकारी के अनुसार कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि बम वेडिंग कार्ड की तरह था। साथ ही पुलिस को मौके से एक रिमोट मिला है। पुलिस बाइक सवार को पकड़ने के लिए लाल मोटरसाइकिल के बारे में पता लगाने में जुटी है। इसके लिए विशेष टीम बनाई गई है। बम बनाने में सल्फर, पोटैशियम क्लोरेट और सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों की खोज के लिए पहाड़गंज के होटलों की तलाशी ली। पुलिस ईरानी नागारिकों के पासपोर्ट की जांच कर रही है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने कहा था कि 'इन हमलों के पीछे ईरान है जो दुनिया में आतंकवाद फैला रहा है। इजरायल सरकार और हमारी सुरक्षा एजेंसियां उन एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगी जहां ये हमले हुए है। हम ईरान से पैदा हुए आतंकवाद का पूरी ताकत और धैर्य के साथ मुकाबला करेंगे।












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