वैलेंटाइन डे पर खुलासा- आशिक ने की थी हत्या

जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आरके पांडेय ने बताया कि 9 फरवरी की रात कुतुब विहार के पास से युवती को गुड़गांव स्थित कार्यालय से घर लौटने के दौरान तीन नकाबपोशों ने अगवा कर लिया था। पुलिस की छह टीमों ने जांच के दौरान अलग-अलग दिशा में जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले वारदात में इस्तेमाल लाल रंग की इंडिका कार की तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीनों बदमाशों के नकाबपोश होने से पुलिस को शक हुआ कि इनमें से कोई न कोई युवती का परिचित होगा।
इसके बाद पुलिस ने कुतुब विहार स्थित युवती के घर के आसपास रहने वाले युवकों पर निगरानी शुरू की गई। 13 फरवरी को द्वारका सेक्टर 23 थाने के इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल में तैनात पुलिसकर्मियों ने लाल रंग की इंडिका कार को सेक्टर 9 स्थित मेट्रो स्टेशन के पास देखा।
पुलिसकर्मियों को देखते ही कार के बाहर खड़ा युवक कार में बैठकर भागने का प्रयास करने लगा जिसे पुलिस ने तुरंत दबोच लिया। उसकी पहचान कुतुब विहार निवासी राहुल के रूप में हुई। स्पेशल टीम की पूछताछ के दौरान राहुल ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अन्य आरोपी राहुल का सगा भाई रवि और विनोद को दबोच लिया। राहुल एक टूर एंड ट्रेवल में ड्राइवर का काम करता है और वारदात में इस्तेमाल इंडिका उसकी कंपनी की है। जबकि रवि मजदूरी और विनोद बेरोजगार है। तीनों युवती को चाहते थे। रवि ने उसके पास दोस्ती का प्रस्ताव रखा जिसे उसने ठुकरा दिया। इससे गुस्से में आकर उन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। युवती को अगवा करने के बाद रेवाड़ी ले जाकर उसकी हत्या कर दी।












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