कांग्रेस ने बदली अपनी चुनावी रणनीति
सूत्रों ने बताया कि भले ही भविष्य के समीकरण उलटे पुलटे हों पर कांग्रेस ने फिलहाल चुनावी रणनीति बदल दी है। पहले चरण के मतदान के साथ ही पार्टी की पूरी कोशिश चुनावी लड़ाई कांग्रेस और सपा के बीच तब्दील करने की है। कांग्रेस के एक रणनीतिकार ने कहा कि चुनाव बाद सरकार बनाने के लिए सपा व कांग्रेस के समझौते की अटकलों से पार्टी को नुकसान होने का खतरा है। जबकि, इस बीच पार्टी के अपने आकलन में बसपा मुख्य लड़ाई में पीछे छूटती दिख रही है। लिहाजा पार्टी अपनी चुनावी सभाओं में सपा पर सीधा हमला बोलेगी।
बताते हैं कि बीते दिनों एक सभा में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का चोर-गुंडों की पार्टी से चुनाव बाद भी गठजोड़ न करने का बयान पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा था। अब पार्टी के दूसरे नेता भी इसे आगे बढ़ाएंगे। अलबत्ता, बसपा सरकार और उसकी प्रमुख मायावती पर भी हमले जारी रहेंगे, लेकिन नंबर एक पर सपा ही होगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का यह चुनाव हर हाल में कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होगा।
पार्टी की सीटें बढ़ेंगी। वोट का प्रतिशत बढ़ेगा, लेकिन यह भी सच है कि किसी भी दल को बहुमत मिलने की गंुजाइश कतई नहीं है। जबकि, किन्हीं दो दलों के मिलकर सरकार बनाने का मतलब कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उसका सफाया। कांग्रेस भी इससे परहेज करेगी और यदि किसी की सरकार नहीं बनी तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगेगा। उसके बाद भी कांग्रेस सपा, बसपा, भाजपा के खिलाफ अपना यह अभियान जारी रखेगी।













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