पिता की अर्थी छोड़ नामांकन करने गया बेटा
मथुरा। राजनीतिक इतिहास में संभवत: यह पहला मौका होगा, जब एक तरफ पिता की लाश पड़ी थी और दूसरी तरफ बेटे पर नामांकन करने का दबाव था। अंत में रालोद विधायक पूरन प्रकाश पिता की अर्थी छोड़कर नामांकन करने चले गए। इसके बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया। जिले की राजनीति का एक और सूरज सोमवार को अस्त हो गया।
पूर्व विधायक मास्टर कन्हैया लाल ने रविवार आधी रात के बाद करीब एक बजे सिविल लाइन स्थित अपने बड़े पुत्र महेश चन्द्र के निवास पर अंतिम सांस ली। वे 95 वर्ष के थे। कन्हैयालाल का निधन उन्होंने अपने पीछे भरापूरा परिवार छोडा है। सोमवार को उनके पुत्र विधायक पूरन प्रकाश को बलदेव से नामांकन करना था।
रात को पिता का निधन हो जाने से विधायक ने नामांकन दूसरे दिन करने को कहा, लेकिन जनता का दबाव बढ़ने पर पूरन प्रकाश को अंत में नामांकन करने के लिए जाना ही पड़ गया। उसके बाद ही पूर्व विधायक स्व. मास्टर कन्हैया लाल को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।













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