सपा और कांग्रेस के बीच आपराधिक गठजोड़ का आरोप
चतुर्वेदी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर मुलायम सिंह यादव एवं उनके परिजनो के पास आय के ज्ञात स्रोतो से अधिक सम्पत्ति होने के मामले में चल रही जांच में सीबीआई केन्द्र सरकार की सुविधा और निर्देश पर समय पर समय पर आगा पीछा करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 की नौ जुलाई को जब परमाणु संधि के सवाल पर लोकसभा में चार वामपंथी दलो के 62 सांसदो ने कांग्रेसनीत संप्रग सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया तो लोकसभा में तब 39 सदस्यो वाली समाजवादी पार्टी का समर्थन लेने के लिए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने अपने कार्मिक एवं प्रशिक्षण कार्यालय के माध्यम से यादव की पुत्र वधु डिम्पल यादव का प्रतिवेदन लेकर उन्हे और उनके परिवार को बचाने की कोशिश की ।
जबकि सीआरपीसी और सीबीआई मैन्युअल में अभियुक्त से सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रतिवेदन लेने का प्रावधान नही है। उन्होने कहा यह प्रतिवेदन संप्रग सरकार से वामपंथियो का समर्थन वापस लिए जाने के पांच दिन बाद 14 जुलाई 2008 को लिया गया था।













Click it and Unblock the Notifications