निजी स्कूलों को झटका, गरीब बच्चों को देना होगा दाखिला

आज यानी बुधवार को दिल्ली के ज्यादातर स्कूल में दाखिले की पहली सूची करेंगे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित सीटें भरने को कोई दूरी निर्धारित नहीं होगी। साथ ही, अदालत ने उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें दूरी निर्धारित की गई थी। अब मात्र एक किलोमीटर की दूरी अनिवार्य नहीं होगी। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो की खंडपीठ के इस आदेश से निजी स्कूलों को झटका लगा है।
निजी स्कूलों की एसोसिएशन ने सरकार की 27 जनवरी को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि निजी स्कूल सामान्य वर्ग के बच्चों के दाखिलों में जो नीति निर्धारित करेंगे वही नीति कमजोर वर्ग के बच्चों के दाखिलों में भी लागू होगी। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूल पहली श्रेणी में उन बच्चों को दाखिला देंगे जो स्कूल से एक किलोमीटर के दायरे में रहते हैं।
इसके बाद भी यदि सीटें रिक्त रहती हैं तो तीन किलोमीटर और उसके बाद छह किलोमीटर की दूरी वाले बच्चों को दाखिला मिलेगा। यदि फिर भी सीटें रिक्त रहती हैं तो उससे अधिक दूरी के बच्चों को भी दाखिला देना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों को उसी वर्ग के बच्चों के दाखिलों से भरना होगा। दरअसल, दिल्ली सरकार ने भी 16 दिसंबर को यही आदेश दिया था जिसे स्कूलों ने चुनौती दी थी कि सरकार को ऐसा प्रशासनिक आदेश देने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट की सिंगल जज न्यायमूर्ति हीमा कोहली ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने 27 जनवरी को अपने प्रशासनिक निर्णय को मजबूत करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी। अब स्कूलों ने अधिसूचना को चुनौती दी। उधर, नर्सरी में दाखिले के लिए अभिभावकों की भागमभाग आज से फिर शुरू होने जा रही है। कई नामचीन स्कूल आज दाखिले की पहली सूची जारी करेंगे। स्कूल नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अभिभावकों को इसकी जानकारी मिल जाएगी।
बाल भारती पब्लिक स्कूल, गंगाराम अस्पताल मार्ग के प्रिंसिपल एलवी सहगल के मुताबिक, दोपहर दो बजे सूची जारी कर दी जाएगी। नोटिस बोर्ड और स्कूल की वेबसाइट पर इसे अभिभावक देख सकेंगे। वहीं एपीजे स्कूल पीतमपुरा के प्रिंसिपल डीके बेदी ने बताया कि दाखिला सूची शाम चार बजे वेबसाइट के साथ स्कूल नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध रहेगी। रोहिणी स्थित रुक्मणी देवी पब्लिक स्कूल में सामान्य श्रेणी के उन उम्मीदवारों के बीच लॉटरी निकाली जाएगी जिन्हें एक समान अंक मिलेंगे। इस बार एक-एक सीट पर 20 से 80 उम्मीदवार एक दूसरे को टक्कर दे रहे हैं। ऐसे में कई स्कूलों में दूसरी सूची आने की गुंजाइश कम ही है।
पहली सूची में ऐसे कई बच्चे होंगे जिनका सूची में नाम नहीं होगा। इससे अभिभावक परेशान न हों, क्योंकि एक-एक बच्चे का नाम दो-तीन स्कूल या उससे अधिक स्कूलों में आ जाता है। ऐसे में अभिभावक किसी एक स्कूल में ही दाखिला लेते हैं। इससे कई स्कूलों में सीटें खाली भी रहेंगी। इसका फायदा प्रतीक्षा सूची के बच्चों को मिलेगा।












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