हाथियों को ढकने के बाद अब पार्क, स्मारक भी बंद

राजधानी लखनऊ में गोमती नगर स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल और स्मृति उपवन, वीआईपी रोड पर स्थित मान्यवर कांशीराम ग्रीन इको गार्डन एवं आशियाना स्थित कांशीराम स्मारक सहित कुल नौ ऐसे पार्क और स्मारक स्थल हैं, जहां मायावती और हाथी की मूर्तियां लगी है। इन मूर्तियों को ढकने का काम कल पूरा हो गया है।
दलित महापुरुषों के नाम पर बनाये गये इन तमाम पार्को और स्मारकों को बीते अक्तूबर महीने में टिकट लगाकर आम जनता के लिए खोल दिया गया था, मगर आज से इनमें आमजन के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। इन पार्को के रखरखाव का जिम्मा उठाने वाले लखनउ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने हालांकि इस संबंध में कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया।
मगर इन पार्को और स्मारकों पर तैनात कर्मचारियों ने चुनाव हो जाने तक वहां जनता के प्रवेश पर रोक लगा दिये जाने की बात की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी की मूर्तियों को पीले रंग के प्लास्टिक कवर से ढका गया है, जबकि मायावती की मूर्तियां प्लाईबोर्ड से ढकी गयी है। लेकिन यह प्रक्रिया कहीं न कहीं उत्तर प्रदेश की सत्तरूढ़ पार्टी को आहत कर रही है।












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