राजा का आरोप, सीबीआई अचारी पर बना रही दबाव

A Raja
दिल्ली (ब्यूरो)। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व संचार मंत्री ए. राजा ने एक बार फिर सीबीआई पर जमकर हमला बोला। सोमवार को केस की सुनवाई के दौरान सीबीआई को कटघरे में खड़ा करते हुए राजा ने कहा कि उनके पूर्व सहयोगी असीरवर्थम अचारी पर अनावश्यक दबाव बनाकर सीबीआई उनसे झूठा बयान दिलवा रही है, जबकि वह अन्य अभियुक्तों से उनके लिंक का पता लगाने में असफल रही है।

वहीं अचारी ने राजा के इन आरेापों का खंडन किया है। विशेष कोर्ट के जज ओपी सैनी की कोर्ट में राजा के वकील सुशील कुमार ने अचारी से कहा, जब राजा ने आपको राजनीति में बढ़ावा नहीं दिया, तो आपने सीबीआई के लिए झूठा गवाह बनना चुना। कुमार ने अचारी से जिरह करते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा अचारी को भी मामले में आरोपी बनाए जाने की धमकी के बाद वे दबाव के तहत सीबीआई के गवाह बन गए। वहीं अचारी ने इन आरोपों का खंडन किया।

इससे पहले अचारी ने अदालत को बताया था कि स्वॉन टेलीकॉम प्रमोटर शाहिद बलवा और विनोद गोयनका के अलावा यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा पर्यावरण और वन मंत्रालय के वर्ष 2004 से 2007 तक उनके कार्यकाल के दौरान राजा से नियमित मिलते थे। इतना ही नहीं रियल एस्टेट प्रोजेक्टों के लिए पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी के लिए राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया से भी मिलते थे। वहीं बचाव पक्ष द्वारा अचारी से यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के तहत वर्ष 2009 के सामान्य चुनावों में कांग्रेस का टिकट पाने के लिए राजा से मदद देने को कहा था, से इंकार किया।

राजा द्वारा मदद न किए जाने पर उन्होने दूरसंचार मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान राजा का साथ छोड़ने का निर्णय लिया था, से भी अचारी ने इंकार किया। इसके साथ ही अचारी ने इस आरोप से भी इंकार किया कि दूरसंचार मंत्रालय छोड़ने से पहले अवैध तौर पर कुछ दस्तावेज इकट्ठे कर एक अंग्रेजी दैनिक के पत्रकार को दिए थे। दिन भर चली सुनवाई के दौरान राजा ने अचारी से जिरह प्रकिया पूरी कर ली। इसके बाद पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा के वकील एसपी मिनोचा ने अचारी से जिरह की।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 2जी घोटाले में आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के निजी सचिव आरके चंदौलिया व पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत अर्जियों पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। जबकि आरके चंदौलिया को निचली अदालत से मिली जमानत पर रोक लगा दी थी। दोनों अभियुक्तों ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों की अर्जियों पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही कोर्ट ने चंदौलिया की जमानत पर रोक लगाने वाले आदेश पर भी फिलहाल स्थगन जारी रखा है।

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