2जी घोटाले में चंदोलिया को राहत पर आफत

न्यायमूर्ति ने तिहाड़ जेल प्रशासन से कहा है कि अगर चंदोलिया जेल में हैं, तो उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाए। अगर चंदोलिया जेल से बाहर आ चुके हैं, तो कोर्ट को लिखित जवाब दें कि क्यों न उनकी जमानत रद कर दी जाए। पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 7 दिसंबर तक जवाब देने को कहा है।
विशेष अदालत ने गुरुवार को सीबीआई के विरोध के बावजूद चंदोलिया को यह कहते हुए कि राजा के निजी सचिव होने के नाते उनके पास कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं थी, जमानत दे दी थी। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा भी कर दिया गया था। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा था कि चंदोलिया के मामले को राजा और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा के बराबर नहीं माना जा सकता है।
हाईकोर्ट ने अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए विशेष अदालत के फैसले की कानूनी वैधता और उपयुक्तता की पड़ताल करने का निर्णय लिया। न्यायमूर्ति वीके शॉली ने कहा कि चूंकि सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत पर फैसला हाईकोर्ट में सुरक्षित है। लिहाजा, चंदोलिया को जमानत बेहुरा की जमानत के फैसले पर असर डालेगा। फिलहाल कोर्ट ने बेहुरा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।












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