अन्ना व रामदेव की गिरफ्तारी सही फैसला: गृहमंत्रालय

ये अलग बात है कि अन्ना द्वारा लोकपाल को लेकर 11 दिसंबर को फिर आंदोलन करने के परिप्रेक्ष्य में यह पूछने पर कि रामदेव और अन्ना के पूर्व आंदोलन में पुलिस ने जो कुछ किया, अगर वह उचित था तो क्या अन्ना के अगले आंदोलन में भी वही कुछ होगा, सिंह ने कहा कि हालात के हिसाब से क्या करना है, दिल्ली पुलिस तय करेगी।
यह पूछने पर कि इन दोनों आंदोलनों में जो कुछ हुआ और पुलिस इनसे जैसे निपटी, उसे आप सफलता मानते हैं या विफलता। सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता और विफलता की व्याख्या अलग अलग हो सकती है। सवाल यह है कि आप सफलता का पैमाना किसे मानते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, भीड को अच्छी तरह नियंत्रित किया गया। कोई घायल नहीं हुआ।
रामदेव के आंदोलन के दौरान जो लोग घायल हुए, वह भगदड़ के कारण दबने से हुए क्योंकि अफरातफरी में कई लोग मंच से कूद पडे तो कई भागने की कोशिश में गिर गए। वरना कुल मिलाकर दिल्ली पुलिस इससे अच्छे ढंग से निपटी। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इन दोनों ही घटनाओं में पुलिस की प्रतिक्रिया पर लोगों के अलग अलग नजरिए हो सकते हैं। अन्ना को जेल भेजने का फैसला सही था या गलत, इस सवाल पर सिंह ने कहा कि यदि वह पुलिस आयुक्त होते तो वही करते जो उस समय दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने किया था।












Click it and Unblock the Notifications