जवाबी कार्रवाई में किया नाटो ने हमला: अमेरिका

इस हमले के विरोध में पाकिस्तान अब अफगानिस्तान मामले पर अमेरिका के साथ एक भी कदम आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान पहले ही अमेरिका से कह चुका है कि वह उनके देश से 15 दिनों के भीतर सेनाएं हटा ले। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने संकेत दिया है कि अफगानिस्तान मामले पर जर्मनी के बॉन में होने वाली बैठक में वह हिस्सा नहीं लेगा। अमेरिका ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह इस बैठक में हिस्सा लेकर अफगानिस्तान मामले पर सहयोग के मामले में आगे आए।
नाटो के इस हमले के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस मामले को लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका की शिकायत संयुक्त राष्ट्र में की थी। अमेरिका ने इस हमले पर जांच में सहयोग का वादा किया था। अब अमेरिका द्वारा इस हमले को जवाबी कार्रवाई बताने वाली रिपोर्ट के बाद से पाक ने और भी कड़ा रुख अपना लिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा है कि अब समय आ गया है जब हमें अमेरिका से अपने रिश्तों की समीक्षा करने की जरूरत है। पाकिस्तान नाटो के इस हमले की जांच करने की मांग कर रहा है।












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