लोकपाल के दायरे से पीएम को बाहर होना चाहिए : संसदीय स्थायी समिति

आपको बता दें कि संसदीय स्थायी समिति की बैठक में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान जहां पीएम को लोकपाल के दायरे में लाने के लिए सहमत नहीं दिखे वहीं अमर सिंह अपनी बीमारी के चलते बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। जबकि भाजपा और वामदल भी चाहते हैं कि पीएम को लोकपाल के दायरे में होना चाहिए।
गौरतलब अन्ना हजारे का अनशन इसी मु्द्दे पर अटक गया था कि क्योंकि अन्ना का कहना था कि पीएम को लोकपाल के दायरे में होना चाहिए जबकि सरकार इस बात पर राजी नहीं हो रही थी। लेकिन किसी तरह वो अन्ना को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो गयी थी वो इस मुद्दे पर विचार करेगी लेकिन अब वो फिर से पुराना राग अलापने लगी है।
अब चूंकि शीतकालीन सत्र को शुरू होने में मात्र चंद रोज रह गये है। और अन्ना ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर सरकार इस शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल बिल को लागू नहीं करती है तो वो पांच राज्यों में जहां चुनाव होने वाले है, वहां कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे। देखना दिलचस्प होगा कि लोकपाल बिल का क्या होगा?












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