राहुल की औकात नहीं कि वो पीएम की कु्र्सी संभालें

बाल ठाकरे ने लिखा है कि जब भी राहुल मुंह खोलते हैं अपने मुँह से ऐसी बातें निकालते हैं जिन्हें सुनकर या तो हंसी आती है या फिर गुस्सा। लगता है नहीं वो किसी राजनीतिक बड़े घराने से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी नादानी और बेवकूफी से नेहरू के 'बालदिवस' को 'बैल दिवस' बना दिया। मुझे उन पर तरस आता है।
गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने यह प्रतिक्रिया राहुल के उस भाषण पर दी है जो उन्होंने फूलपुर में दिया था। राहुल ने य़ूपी वालों से यह सवाल क्या किया कि वो आखिर कब तक महाराष्ट्र जाकर भीख मांगते रहेंगे।












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