पायलटों के चलते माल्या धरती पे, मुश्किल में किंगफिशर

पिछले चार दिन से विजय माल्या के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी ने 120 से ज्यादा उड़ानें रद्द की हैं। उन्होंने कहा कि वे कुछ विमानों का उपयोग उड़ान के लिए नहीं कर रहे हैं ताकि उनमें बिजनेस क्लास की सीटें जोड़ी जाएं। जब हाल ही में 100 पायलटों के किंगफिशर छोड़ने की खबरों के बारे में पूछा गया तब इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने बाताया कि यह पिछले सात महीनों में हुआ है लेकिन हमारे पास 650 से अधिक पायलट हैं।
इसी बीच नागर विमानन महानिदेशालय ने उड़ान कार्यक्रम रद्द करने पर कल किंगफिशर को कारण बताओ नोटिस भेजा था। अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली मुम्बई जैसे रूट जहां हमारी कई उड़ानें हैं तथा नांदेड़-मैसूर जैसे रूट जहां यात्री बोझ कम है। ऐसे कुछ रूटों पर हमने फेरे घटाने का निर्णय किया है।
उन्होंने बताया कि यह सारी कवायद लाभ परकता में सुधार के लिए मार्ग को युक्तिसंगत बनाने का हिस्सा है। अग्रवाल ने कहा कि हमने उन्हें बताया कि अस्थायी रूप से उड़ानें रद्द की गयीं क्योंकि हमने 19 नवंबर तक के लिए ऐसा किया है। हम अपने फेरों को व्यवस्थित कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या एयरलाइन को बंद करने की योजना है तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं।
विमानन कंपनी के सूत्रों ने बताया कि 30 पायलट और चालक दल के सदस्य पिछले कुछ दिन से काम नहीं आए हैं और इसकी वजह बीमार होना बताया है। लेकिन कंपनी के कर्मचारियों के अक्तूबर के वेतन और भत्ते का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। कंपनी को 2010-11 के दौरान 1,027 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और उसका कर्ज बढ़कर 7057.08 करोड़ रुपए हो गया है।












Click it and Unblock the Notifications